बीते दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। मैदानी भागों में गंगा चेतावनी रेखा से ऊपर बह रही है। शनिवार सुबह करीब 7 बजे गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा 339.50 मीटर से 28 सेमी ऊपर 339.78 मीटर था। गंगा का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क किया गया।
अपराह्न दो बजे के बाद गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा से 18 सेमी नीचे 339.32 मीटर हो गया। नदी का जलस्तर घटने से स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली। लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनि की रेती, तपोवन और त्रिवेणीघाट पर गंगा घाटों से ऊपर बहने लगी। त्रिवेणीघाट पर आरती स्थल जलमग्न हो गया।
नदी का जलस्तर घटने-बढ़ने से स्थानीय प्रशासन की ओर से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया। पर्यटक और स्थानीय लोगों को सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने की अपील की। जल पुलिस, पीएससी आपदा प्रबंधन की टीम लगातार गंगा घाट और तटों पर मुस्तैद रही।