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Rishikesh News: इंटीग्रेटेड सिटी का सर्वे शुरू होने की सूचना पर भड़के किसान

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सरकारी वाहन से कुछ लोग पहुंचे थे गांव, वीडियो वायरल
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ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर फूंका विशेषज्ञ का पुतला

माजरी ग्रांट में इंटीग्रेटेड सिटी का सर्वे शुरू होने की सूचना पर शनिवार को किसान भड़क गए। इसके विरोध में किसानों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और तहसील मुख्यालय पर पहुंचकर इंटीग्रेटेड सिटी के लिए नियुक्त विशेषज्ञ का पुतला फूंका। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी वाहन से कुछ लोग गांव में पहुंच रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने इससे इंकार किया है।

संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक ताजेंद्र सिंह ने बताया, शनिवार को माजरी ग्रांट में कुछ लोग सरकारी वाहन से पहुंचे थे। इसका वीडियो भी बनाया गया है, ये लोग हाईवे पर खड़े होकर कुछ गतिविधियां कर रहे हैं। मोर्चा को सूचना मिली कि ये लोग इंटीग्रेटेड सिटी को लेकर सर्वे करने आए हैं। इसको लेकर किसान आक्रोशित थे। जिसे देखते हुए बड़ी संख्या में किसान गन्ना समिति परिसर में एकत्र हुए और फिर यहां से विरोध स्वरूप जुलूस निकालते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचे। ताजेंद्र ने बताया कि ग्रामीणों को आशंका है कि गुपचुप तरीके से नये शहर के लिए सर्वे किया जा रहा है। जिसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
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मोर्चा के सह संयोजक सुरेन्द्र सिंह खालसा ने कहा कि सरकार की मंशा पर किसानों को पहले से ही संदेह है। सरकारी वाहन से लोग माजरी ग्रांट में क्या करने आए थे इसका जवाब प्रशासन को देना चाहिए। इस दौरान कांग्रेस पीसीसी सदस्य गौरव चौधरी ने कहा कि यदि गुपचुप तरीके से सर्वे करने का प्रयास हुआ तो ग्रामीण संघर्ष से पीछे नहीं हटेगें। प्रदर्शन में गन्ना समिति अध्यक्ष मनोज नौटियाल, ईश्वरचंद पाल, राजेन्द्र सिंह, अजित सिंह, जसवंत सिंह, इंद्रजीत सिंह, गुरुपालसिंह, करतार नेगी आदि मौजूद थे।

किसान मोर्चा ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

इंटीग्रेडेट सिटी के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि, शनिवार को कुछ लोग सरकारी वाहन से मारजी ग्रांट पहुंच थे। उन्हें आशंका है कि ये लोग इंटीग्रेटेड टाउनशिप को लेकर सर्वे करने आए थे। यह भी पता चला है कि यह वही विशेषज्ञ है जिसे टाउनशिप की योजना के लिए नियुक्त किया गया है। अगर ऐसा नहीं है तो सरकार को स्थिति साफ करनी चाहिए कि ये लोग कौन थे और क्या करने आए थे।
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मोर्चा के पदाधिकारियों ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री, महानिदेशक, राज्य के शहरी विकास मंत्री, जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी और कोतवाली प्रभारी को भी ज्ञापन प्रेषित किया। वहीं, दूसरी ओर उपजिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि इस प्रकार की कोई भी गतिविधि की जानकारी तहसील प्रशासन को नहीं है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
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