ऋषिकेश। भारतीय सिनेमा के जाने-माने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर परमार्थ निकेतन में शोक सभा आयोजित की गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि गंगा तट पर नाना पाटेकर की यादें हमेशा रहेंगी। बृहस्पतिवार को परमार्थ में आयोजित शोक सभा में स्वामी चिदानंद सरस्वती ने नाना पाटेकर को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि नाना पाटेकर के निधन से देश ने एक विलक्षण कलाकार और संवेदनशील इंसान को खो दिया है। मां गंगा के पावन तट पर उनके साथ बिताए आत्मीय क्षण आज स्मृतियों में और भी जीवंत हो उठे हैं। उनका सहज व्यवहार, सरल व्यक्तित्व और आत्मीयता हमेशा याद रहेगी। उन्होंने कहा कि पांच दशक से अधिक लंबे फिल्मी सफर में नाना पाटेकर ने अनेक यादगार किरदार निभाए। उनकी संवाद अदायगी, प्रभावशाली आवाज और सहज अभिनय शैली ने उन्हें भारतीय सिनेमा में अलग पहचान दिलाई। उनके अभिनय में समाज की सच्चाइयां और मानवीय संवेदनाएं भी दिखाई देती थीं। संवाद