मूत्राशय के कैंसर के कारण
मूत्राशय कैंसर का सबसे प्रमुख कारण धूम्रपान है। इसके साथ ही बिना फिल्टर किया गया पानी भी इसका कारण बन रहा है, जो तेजी से बढ़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि जो लोग धूम्रपान करते हैं उनमें धूम्रपान न करने वाले लोगों की तुलना में मूत्राशय कैंसर होने की संभावना कम से कम 3 गुना अधिक होती है। मूत्राशय के लगभग आधे कैंसर का कारण धूम्रपान है।
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मूत्राशय के कैंसर के लक्षणI
पेशाब में रक्त आना, मूत्राशय खाली करने में दिक्कत आना, पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आना, पेशाब करते समय दर्द, पेट के निचले हिस्से या पीठ में दर्द आदि मूत्राशय के कैंसर के प्रमुख लक्षण हैं। डाॅ. दीपक कहते हैं कि इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। प्राथमिक चरण में मूत्राशय के कैंसर का पता चलने पर 70 फीसदी ठीक होने की संभावना रहती है। जबकि बाद में यह संभावना 40 फीसदी ही रह जाती है।
लगातार बढ़ रहा आंकड़ाI
चिकित्सकों का कहना है कि भारत में प्रतिवर्ष 22 हजार मूत्राशय के कैंसर के मामले आते हैं। यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।