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Iइस बार हवाई सेवा नियमित संचालित होने की उम्मीदI
गढ़वाल और कुमाऊं को हवाई मार्ग से जोड़ने के प्रयास पहले भी किए जा चुके हैं। लेकिन हवाई यात्रियों की कमी और खराब मौसम के चलते फ्लाइट नियमित नहीं चल सकी है। लेकिन इस बार एयरपोर्ट प्रशासन को उम्मीद है कि फ्लाइट को यात्रियों की कमी नहीं होगी। यह फ्लाइट नियमित चलेगी।
2007 में देहरादून एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के बाद एयरपोर्ट पर हवाई सेवाओं का विस्तार हुआ। किंगफिशर ने सबसे पहले एयरपोर्ट पर दिल्ली और दूसरे शहरों के लिए उड़ानें शुरू की। क्षेत्रीय हवाई सेवाओं के लिए विमानन कंपनी डेक्क्न ने नौ सीटर विमान से 15 अक्तूबर 2011 से देहरादून-पंतनगर के बीच सेवा शुरू की। तब इसका एक तरफ का किराया 6900 रुपये था।
लेकिन कुछ दिन संचालित यह फ्लाइट हवाई यात्रियों की कमी और किराया महंगा होने के कारण बंद हो गई। 2018 में भी गढ़वाल और कुमाऊं के बीच फ्लाइट शुरू की गई थी। नौ फरवरी 2019 में पंतनगर एयरपोर्ट से हवाई यात्रियों को पिथौरागढ़ ले जा रहे हेरीटेज कंपनी के विमान का दरवाजा हवा में खुलने से हडकंप मच गया था। जिसके बाद उड़ानें बंद कर दी गई थी। अब एक बार फिर मंगलवार से देहरादून-पिथौरागढ़ के बीच फ्लाई बिग ने अपनी फ्लाइट शुरू की है।
फ्लाइट संचालित करना मौसम के हिसाब से चुनौतीपूर्ण रहता है। खासकर पिथौरागढ़ जैसे छोटे एयरपोर्ट पर खराब मौसम में विमानों की लैंडिंग मुश्किल होती है। जिससे फ्लाइट को रद्द या डायवर्ट करना पड़ता है। अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होने के बावजूद देहरादून एयरपोर्ट पर पिछले एक महीने के दौरान कोहरे के कारण दर्जनों फ्लाइट रद्द या डायवर्ट की जा चुकी हैं।