विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के डंपिंग क्षेत्रों को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए सभी डंपिंग क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है। साथ ही डंपिंग जोन के ढलान वाले हिस्सों में जियो जूट लगाकर बीज छिड़के जा रहे हैं, जिससे यहां भूस्खलन न हो।ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना का निर्माण कर रही आरवीएनएल 30 डंपिंग जोन में व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चला रही है। इन स्थानों पर स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधे लगाए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में ये क्षेत्र हरियाली से आच्छादित हो सकें और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिले। डंपिंग जोन के ढलानों को सुरक्षित बनाने के लिए जियो-जूट तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। ढलानों पर जियो-जूट बिछाकर उस पर बीजों का छिड़काव किया जाएगा। इससे घास और पौधों का तेजी से विकास होगा, मिट्टी का कटाव रुकेगा और भूस्खलन की संभावना भी कम होगी।