ग्रामीणों ने जागकर गुजारी रात, कई कैंप पानी में बहे
बीते बृहस्पतिवार रात हुई तेज बारिश से यमकेश्वर ब्लॉक के बैरागढ़ गांव में एक मकान और गोशाला जमींदोज हो गई। कई आवासीय भवनों में मलबा घुस गया। खेतों में दरारें आ गई हैं, कई कैंपों में पानी घुस गया, कई पानी के तेज बहाव में बह गए।
लक्ष्मणझूला से करीब 15 किमी दूर बैरागढ़ गांव में बीते बृहस्पतिवार रात को हुई तेज बारिश ने तबाही मचा दी। गांव के प्राकृतिक गदेरे ऊफान पर आ गए। गदेरों का पानी और मलबा गांव में घुस गया है। इस दौरान खुशीराम का आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया। बुद्धि प्रसाद की गोशाला टूट गई है। अरुण जुगलान का पशुवाड़ा क्षतिग्रस्त हो गया है। देवेंद्र और कोमल का रसोई घर टूट गया है। इसके अलावा चंद्रमोहन, रमनलाल, बसंतलाल, जयपाल, महिपाल, तेजपाल के आवासीय भवनों की दीवारें क्षतिग्रस्त होकर मलबा घुस गया है।
इससे घर के अंदर रखा खाद्य सामाग्री के अलावा अन्य सामान बर्बाद हो गया है। ओखली, बैरागढ़, वीरकाटली, कंडोला सेरा गांव के आसपास खेतों में बड़ी बड़ी दरारें आ गई हैं। तेज बारिश से ढाेंगा रगड़ा गदेरा भी ऊफान पर आ गया। जिससे किंग वैली कैंप के तीन कमरे ढह गए। जस्ता रिजॉर्ट में पानी भर गया, मसोली कैंप के दो कमरे गदेरे में बह गए।
बैरागढ़ के पूर्व प्रधान अरुण जुगलान, विनोद जुगलान, सुभाष जुगलान, नरेंद्र, संजय, आशीष ने बताया कि गांव में कुत्ता काटली गदेरा ऊफान पर आ गया। इससे कई ग्रामीणों के घरों में पानी और मलबा घुस गया। जान बचाने के लिए ग्रामीण इधर-उधर भागने लगे। डरे सहमे लोगों ने अरुण जुगलान के तीन मंजिला भवन के ऊपर बैठकर पूरी रात गुजारी।