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एसपीएस राजकीय चिकित्सालय में महिला चिकित्सकों की कमी से मरीज एवं तीमारदारों को परेशानी हो रही है। सबसे अधिक दिक्कत गर्भवती महिलाओं को हो रही है।
अस्पताल में चार महिला चिकित्सक हैं। वर्तमान समय में अस्पताल की एक महिला चिकित्सक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोईवाला में संबद्ध है। एक महिला चिकित्सक चाइल्ड केयर लीव पर हैं। जबकि एक महिला चिकित्सक की रात्रि के समय ड्यूटी है। इसकी वजह से दिन की ओपीडी केवल एक महिला चिकित्सक ही संभाल रही हैं।
अस्पताल की ओपीडी का समय सुबह 9 से अपराह्न 3 बजे तक है। अस्पताल के पंजीकरण काउंटर पर रोजाना 200 से अधिक महिला मरीजों का पंजीकरण हो रहा है। उपचार के लिए अस्पताल में नरेंद्रनगर ब्लॉक, यमकेश्वर ब्लॉक समेत आसपास क्षेत्रों से मरीज और तीमारदार पहुंचते हैं।
गर्भवती महिलाओं का सारा समय लाइन में खड़े होकर ही बीत रहा है। उनका नंबर आता है तो महिला चिकित्सक उन्हें कई जांच लिख देती हैं। भीड़ होने के कारण उन मरीजों का नंबर दोबारा नहीं आता है। उन्हें फिर अगले दिन उपचार के लिए अस्पताल के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यहां सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को झेलनी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग उदासीन बना हुआ है।
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Iसमस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। अस्पताल में जो भी व्यवस्थाएं बनेगी उच्च स्तर से ही होगी। - डाॅ. प्रदीप कुमार चंदोला, सीएमएसI