कौडियाला ब्याासघाट मोटरमार्ग का डामरीकरण न होने से मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। वाहन चालकों को गड्ढों में सड़क ढूंढनी पड़ रही है। स्थानीय लोग रोड का डामरीकरण और चौड़ीकरण की मांग कर रहे हैं, बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अब लोग आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।
वर्ष 2006 में ब्यासघाट से लेकर ढांगूगढ (कौडियाला) तक मोटरमार्ग की कटिंग का काम शुरू हुआ था। करीब 12 साल पहले 2011 में मार्ग की रोड कटिंग का काम पूरा हो चुका है। लेकिन अभी तक इस मोटरमार्ग का डामरीकरण नहीं हो पाया है।
स्थानीय लोग उक्त मोटरमार्ग के डामरीकरण और चौड़ीकरण के कई प्रस्ताव स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोनिवि श्रीनगर गढ़वाल को भेज चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हाे पा रही है। मोटरमार्ग की कुल लंबाई 24 किलोमीटर है। मार्ग पर रोड साइन भी नहीं हैं।
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Iकौडियाला ब्यासघाट मोटरमार्ग के डामरीकरण और चौड़ीकरण के लिए स्थानीय लोगों की ओर से कई प्रस्ताव लोनिवि श्रीनगर गढ़वाल को भेजे गए हैं। लेकिन 12 बीत जाने के बाद भी मोटरमार्ग के डामरीकरण की सुध नहीं ली जा रही है। अब जन आंदोलन ही एकमात्र उपाय है। - उदय सिंह नेगी, अध्यक्ष सिंगटाली मोटरपुल संघर्ष समितिI
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Iकौडियाला ब्यासघाट मोटरमार्ग के डामरीकरण का प्रस्ताव पूर्व में शासन को भेजा था। जो पास नहीं हुआ। दोबारा प्रस्ताव भेजा जा रहा है। यदि प्रस्ताव होता है एक बार में तीन किलोमीटर ही डामरीकरण ही हो पाएगा। - किशोर कुमार, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, श्रीनगर गढ़वालI