जौलीग्रांट। विमानों में लगी आग को बुझाने को लेकर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर बीते 29 मई से लेकर 14 जून तक एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें दुबई से आई कंपनी नेफ्को समेत देश के विभिन्न एयरपोर्ट के 16 तकनीशियन व अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया।
इस प्रशिक्षण में एयरपोर्ट के दमकल वाहनों व अन्य उपकरणों को संचालित करने से लेकर विमान की आग में फंसे लोगों को बचाने की ट्रेनिंग एयरफील्ड क्रैश फायर टेंडर (एसीएफटी के विशेष वाहन द्वारा दी गई। इस दाैरान जेटी सीएचक्यू, दिल्ली के महाप्रबंधक (तकनीकी) केआर ढोलपुरिया भी उपस्थित रहे।
120 सेकेंड में धधकते वाहन तक पहुंच जाता है वाहन
एयरपोर्ट निदेशक प्रभाकर मिश्रा ने बताया कि एसीएफटी वाहन में 6000 लीटर की पानी की क्षमता होती है। इसमे 800 लीटर फोम टैंक लगा है। एसीएफटी वाहन में 120 सेकंड के भीतर घटना स्थल तक पहुंचने की क्षमता है। यह वाहन 60 सेकंड में सभी अग्निशमन एजेंटों (वाटर/फोम, डीसीपी) को डिस्चार्ज कर देता है। जिससे आग तुरंत बुझ जाती है। इस विशेष वाहन का कुल वजन 36 टन है। जो 25 सेकंड के भीतर 80 किमी/घंटा की गति पकड़ लेता है।