एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के कार्यकारी अध्यक्ष रणधीर सिंह सपरिवार परमार्थ निकेतन आश्रम पहुंचे। उन्होंने परमार्थ गंगा आरती में प्रतिभाग किया। इस दौरान स्वामी चिदानंद सरस्वती ने रणधीर सिंह को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया। साथ ही एशियाई खेलों में योग को शामिल करने पर चर्चा की।
ओसीए के कार्यकारी अध्यक्ष रणधीर सिंह ने बताया कि उन्होंने पूर्व में परमार्थ गंगा आरती में प्रतिभाग किया था। जहां उन्हें एशियाई खेलों में योग को शामिल करने की प्रेरणा मिली थी, इस प्रस्ताव पर उन्होंने कार्य भी किया। 26 जून को भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ. पीटी ऊषा ने भी एशियाई खेलों में योग को शामिल करने की वकालत करते हुए पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने एशियाई खेल समुदाय से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाले प्राचीन भारतीय खेल को शामिल करने का आग्रह किया था।
इस प्रस्ताव को आगामी जनरल असेंबली की बैठक में रखा जा रहा है। जल्द ही इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा एशियाई खेलों के अध्यक्ष और ओलंपिक खेलों के अध्यक्ष को अधिकारिक तौर पर पत्र भी लिखा जा रहा है। भारत को ओलंपिक खेलों में योग को शामिल करने के लिए अभियान चलाने की जरूरत है।
स्वामी चिदानंद ने कहा कि योग हमारे ऋषियों की पूरे विश्व को एक अमूल्य देन है। योग का मूल और जड़ें भारतीय परंपरा में हैं। इसलिए एशियाई खेलों और ओलंपिक खेलों में योग को शामिल करने की पहल आवश्यक है। इस मौके पर राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडोला, अयोध्या विधायक देवकीनंदन गुप्ता आदि मौजूद रहे।