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साक्ष्य कैसे ग्रेड करें विषय पर विशेषज्ञों ने दी सलाह

सार

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े शिक्षकों को शिक्षित करना और उन्हें बेहतर रोगी देखभाल में प्रभावी ढंग से योगदान देेने, उन्हें गुणवत्तापरक सेवा प्रशिक्षण एवं उनका कौशल विकास पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने ग्रेड (सिफारिशों, मूल्यांकन, विकास और मूल्यांकन की ग्रेडिंग) की अवधारणा को भी पेश किया। कार्यशाला को आईसीएमआर, नई दिल्ली की डॉ. अंजू सिन्हा, संस्थान की डीन एकेडमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, डीन रिसर्च प्रो. वर्तिका सक्सेना ने विचार व्यक्त किए।
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विस्तार
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर), एडवांस सेंटर फॉर एविडेंस-बेस्ड चाइल्ड हेल्थ और पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में हाउ टू ग्रेड एविडेंस विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े शिक्षकों को शिक्षित करना और उन्हें बेहतर रोगी देखभाल में प्रभावी ढंग से योगदान देेने, उन्हें गुणवत्तापरक सेवा प्रशिक्षण एवं उनका कौशल विकास पर चर्चा की।
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बुधवार को एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. डा. मीनू सिंह ने रोगियों के उपचार में साक्ष्य आधारित अभ्यास के महत्व पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने ग्रेड (सिफारिशों, मूल्यांकन, विकास और मूल्यांकन की ग्रेडिंग) की अवधारणा को भी पेश किया। जो साक्ष्य के सारांश को विकसित करने और प्रस्तुत करने के लिए एक पारदर्शी ढांचा है और नैदानिक अभ्यास सिफारिशें करने के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण प्रदान करता है। कार्यशाला को नेशनल मेडिकल कॉलेज नेटवर्क (एनएमसीएन) के माध्यम से लाइव स्ट्रीमिंग से ऑनलाइन मोड में कई और उपस्थित लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया। कार्यशाला को आईसीएमआर, नई दिल्ली की डॉ. अंजू सिन्हा, संस्थान की डीन एकेडमिक प्रो. जया चतुर्वेदी, डीन रिसर्च प्रो. वर्तिका सक्सेना ने विचार व्यक्त किए।
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