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पिछले जन्मों के कर्मों का असर वर्तमान में भी : डॉ. तृप्ति जैन

Mon, 17 Nov 2025 01:23 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
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​क्रिया योग आश्रम में आयोजित कार्यशाला के समापन के दौरान उप​स्थित प्रतिभागी सदस्य। स्रोत-आयोजक
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मुनि की रेती स्थित क्रिया योग आश्रम में आयोजित हीलिंग विद फीलिंग ट्रस्ट के तीन दिवसीय सेवा शिविर का रविवार को समापन हुआ। देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिभागियों ने विविध हीलिंग पद्धतियों का लाभ प्राप्त किया।शिविर में पुनर्जन्म विशेषज्ञ डॉ. तृप्ति जैन ने कहा कि पिछले जन्मों में किए गए कर्मों का प्रभाव वर्तमान जीवन पर भी पड़ता है। उन्होंने इनर चाइल्ड थेरेपी तथा पुनर्जन्म से जुड़े रहस्यों पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. तृप्ति जैन टीवी चैनल पर प्रसारित कार्यक्रम राज पिछले जन्म का में लोगों को पूर्वजन्म की यात्रा कराने के लिए जानी जाती हैं।कोलकाता से आईं प्रसिद्ध अरोमा एवं मर्म चिकित्सक डॉ. रत्ना मिश्रा ने कहा कि आजकल लोग मामूली दर्द पर भी एलोपैथिक दवाइयों का सेवन शुरू कर देते हैं, जो किडनी और पाचन तंत्र के लिए हानिकारक साबित होती हैं। उन्होंने मर्म चिकित्सा और अरोमा थेरेपी को दर्द निवारण की सुरक्षित और प्रभावी पद्धति बताते हुए प्रतिभागियों को शरीर के विभिन्न मर्म बिंदुओं का ज्ञान दिया और उन्हें दबाने की विधि समझाई। शिविर के दौरान मनीषा सागर ने हस्ताक्षर विज्ञान, निधि सागर ने एनएलपी थेरेपी, तर्शिया ने मर्लिन कार्ड रीडिंग, पूजा अरोड़ा ने प्रार्थना की शक्ति और शकुंतला ने ज्योतिष गणना पर विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा विशेषज्ञ स्वाति, आकाश, श्रद्धा, पंकज और अपूर्वा ने भी विभिन्न हीलिंग विधाएं सिखाईं। शिविर के समापन अवसर पर आयोजित संगीत संध्या में दिल्ली के संगीतकार अमन साहनी ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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