दिव्यांग महिला की जांच करते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी। स्रोत-जागरूक पाठक
यमकेश्वर। विकासखंड के आसों दमराड़ा निवासी सुशीला देवी बडोला पिछले 20 वर्षों से हड्डी की गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। सुशीला देवी बीमार अवस्था में वर्षों से बिस्तर पर ही पड़ी रहती हैं। सुशीला देवी अपने दैनिक कार्य करने में भी असमर्थ हैं। वह वर्षों से दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाना चाहती थीं लेकिन चलने-फिरने में असमर्थता के कारण प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा था। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. वीसी काला की ओर से प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम सहित उनके घर में पहुंचे। उनकी जांच कर दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाया। इस दौरान टीम में मुख्य चिकित्साधिकारी प्रतिनिधि डॉ. राजीव कुमार, डॉ. हरेंद्र कुमार, डॉ. जेसी ध्यानी, डॉ. रीता बमोला, डॉ. मोहम्मद राशिद आदि उपस्थित रहे। संवाद