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जिला युवा कांग्रेस कमेटी देवप्रयाग की ओर से ढालवाला स्थित भारतीय स्टेट बैंक के बाहर इलेक्टोरल बॉन्ड के विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी की गई। साथ ही इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी चुनाव आयोग को देने की मांग की गई।
बुधवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशीष रणाकोटी ने कहा कि मोदी सरकार ने इलेक्टोरल बॉन्ड की घोषणा वर्ष 2017 में की थी। इस योजना को सरकार ने 29 जनवरी 2018 को कानूनी तौर पर लागू कर दिया था। लेकिन बीते महीने सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीश की बेंच ने इलेक्टोरल बॉन्ड को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया था। साथ ही इलेक्टोरल बॉन्ड बेचने वाले अकेले अधिकृत बैंक एसबीआई को निर्देश दिया था कि वह 6 मार्च 2024 तक 12 अप्रैल 2019 से लेकर अब तक खरीदे गए इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी चुनाव आयोग को दे।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इलेक्टोरल बॉन्ड को अज्ञात रखना सूचना के अधिकार और अनुच्छेद 19 (1) ए का उल्लंघन है। 30 जून तक देश में लोकसभा चुनाव हो जाएंगे और चुनाव आयोग को यह जानकारी 31 मार्च तक अपनी वेबसाइट पर जारी करनी है। लेकिन एसबीआई की ओर से अभी तक इसकी जानकारी चुनाव आयोग को नहीं दी गई है।
उन्होंने आरोप कहा कि इससे साफ है कि एसबीआई भाजपा की शाखा बन चुका है और लोकसभा चुनाव में भाजपा को फायदा पहुंचने के लिए चुनाव आयोग को जानकारी नहीं दे रहा है। कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तम असवाल, सुनील आर्य, महावीर खरोला, नवीन भंडारी, दिनेश भट्ट, दिनेश सकलानी, अनिल रावत, पंकज रावत आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।