ऋषिकेश। नगर निगम अंतर्गत त्रिवेणीघाट से लेकर बैराज पुल तक बना करीब तीन से चार किमी का आस्था पथ सैरगाह स्थल है। सुबह से शाम तक लोक आस्था पथ पर घूमते हैं। आस्था पथ पर सबसे अधिक संख्या बुर्जुग, महिला और बीमार लोगों की रहती है। लेकिन आस्था पथ पर कहीं भी शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से बुर्जुग, महिला और बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। लोगों ने अस्थायी शौचालय बनाने की मांग की है। वर्ष 2008 में आस्था पथ का निर्माण हुआ था। नगर निगम को इसकी देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सुबह होते ही बुर्जुग, महिला और बीमार और स्थानीय लोग आस्था पथ पर मॉर्निंग वॉक करते हैं। अजात आश्रम के मंहत स्वामी परब्रह्म आनंद ने बताया कि आस्था पथ नगर निगम की हृदय स्थली है। यहां अस्थायी शौचालय की व्यवस्था करनी चाहिए। वहीं, मेयर शंभू पासवान ने बताया कि आस्था पथ का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यदि उन्हें किसी जगह पर लगता है कि अस्थायी या स्थायी शौचालय का निर्माण हो सकता है तो इसका पूरा प्रयास कर लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा। संवाद