उत्तराखंड राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, लोक सेवा आयोग, विधानसभा प्रशासन और अन्य भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। यूकेडी कार्यकर्ताओं का आरोप था कि वर्तमान में राज्य की जो एजेंसी इस घोटाले की जांच कर रही हैं, वह प्रकरण के सूत्रधार रहे बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी।
एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी को ज्ञापन देते हुए उत्तराखंड क्रांति दल के देहरादून प्रभारी मोहन सिंह असवाल ने कहा कि यूकेएसएसएससी, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग और विधानसभा प्रशासन और अन्य भर्तियों में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। एसटीएफ की ओर से जो जांच की जा रही है उससे उत्तराखंड की जनता संतुष्ट नहीं हैं।
इस भर्ती घोटाले को राजनीतिज्ञों और बड़े भ्रष्ट अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है। इसलिए जांच एजेंसी एसटीएफ बड़े राजनेताओं और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी। वह इस कार्रवाई में एसटीएफ उन्हें जांच के दायरे में नहीं लेगी। भर्ती प्रकरण में करोड़ों रुपये का घोटाले का आरोप है। छोटे- छोटे को पकड़कर सरकार इस प्रकरण की जांच को बंद करवा देगी।
इसलिए सभी प्रकरणों की जांच सीबीआई से करानी आवश्यक है। यदि सीबीआई जांच होती है तो इसके प्रकरण के सूत्रधार, बड़े राजनेता और अधिकारियों पर गाज गिरना तय है। ज्ञापन देने वालों में रविंद्र सेमवाल, शक्तिशैल कपरुवाण, कुसुम भारती, विमला बिष्ट, युद्धवीर सिंह नेगी, ऊषा असवाल, बलबीर नेगी, गुलाब सिंह, शकुंतला, देवेश्वरी नेगी, सुलोचना ईष्टवाल, उपेंद्र सकलानी आदि उपस्थित थे।