नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर प्रशासन और नगर पालिका ने पालीथिन विरोधी अभियान चलाया। विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की कार्रवाई करते हुए 24 का चालान किया। इस दौरान भारी मात्रा में पालीथिन, प्लास्टिक कैन और कैरी बैग जब्त किए। कार्रवाई से बाजार में हड़कंप की स्थिति रही।
सोमवार को ऋषिकेश में तहसील प्रशासन और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने घाट रोड, त्रिवेणीघाट, मुखर्जी मार्ग, लाजपत मार्ग, क्षेत्र रोड पर अभियान चलाया। व्यापारियों और ग्राहकों को प्लास्टिक से बनी वस्तुओं का प्रयोग नहीं करने की हिदायत दी गई।
तहसीलदार केडी जोशी ने बताया कि अभियान के दौरान पालीथिन और प्लास्टिक कैन का इस्तेमाल करने वाले 10 लोगों का चालान किया। टीम में नायब तहसीलदार आईडी उनियाल, सफाई निरीक्षक अरविंद डिमरी आदि शामिल थे।
उधर, नगर पालिका स्वर्गाश्रम जौंक में भी पालीथिन का प्रयोग रोकने के लिए विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई।
तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला ने बताया कि स्वर्गाश्रम, मुख्य बाजार और घाट किनारे कार्रवाई करते हुए 14 चालान किए हैं और मौके पर 14 सौ रुपये जुर्माना वसूला है। टीम में लक्ष्मणझूला थाना प्रभारी अमरजीत सिंह, सभासद शाकुंबरी नेगी, शिवचरण, राजवीर चौहान, अनिल राणा आदि शामिल थे।
व्यापारियों ने जताया विरोध
शहर में चलाए गए पालीथिन विरोधी अभियान का व्यापारियों ने विरोध जताया है। नगर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री जयदत्त शर्मा ने बताया कि प्रशासन और पालिका टीम पालीथिन के साथ प्लास्टिक केन, कुर्सियों पर भी चालान की कार्रवाई कर रही है, जिसका व्यापारियों ने विरोध किया है। प्रशासन से एनजीटी के तय मानक की जानकारी व्यापारियों को देने की मांग की गई है। इस बाबत उपजिलाधिकारी ने मंगलवार को एक बैठक बुलाई है।