ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। तहसील परिसर में तीन हरे पेड़ों को किसी ने जड़ से काट दिया, और अफसरों को इस बात की भनक तक नहीं लग पाई है। सोमवार की रात तहसील परिसर के पीछे किसी अज्ञात ने तीन हरे पेड़ों को काट कर गायब कर दिया। घटना स्थल के आसपास विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यालय मौजूद हैं। इसके बावजूद इन पेड़ों को काटे जाने की भनक किसी को भी नहीं लग पाई है। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी वन विभाग के अधिकारी इस मामले से अनभिज्ञ हैं।
इस मामले में चर्चाओं का दौर तब शुरू हुआ जब एडवोकेट अजय वर्मा ने उपजिलाधिकारी प्रेमलाल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि सोमवार की रात्रि को कोर्ट परिसर के पीछे एक हरा पेड़ व सीओ आफिस के समीप दो अन्य पेड़ों को काट दिया गया है। उन्होंने ज्ञापन में कहा है कि बिना अनुमति के हरे पेड़ों को काटना कानूनी जुर्म है। इस मामले में एसडीएम को ज्ञापन में उपजिलाधिकारी से ऐसे व्यक्तियों के विरुद्घ कार्रवाई की मांग की है।
कोट्स
मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो इसकी पड़ताल करवाई जाएगी। बिना अनुमति के पेड़ काटना जुर्म है। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-आरपीएस नेगी वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश
पेड़ काटे जाने का मामला संज्ञान में नहीं है। अगर इसकी शिकायत कार्यालय में दर्ज कराई है तो इसे दिखवाया जाएगा। तहसील परिसर में पेड़ कटने की घटना गंभीर है। इस मामले की जांच करवाई जाएगी।
- प्रेमलाल, उपजिलाधिकारी ऋषिकेश