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फर्जी प्रमाणपत्रों पर नौकरी पाने वाला आरोपी गिरफ्तार

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ब्यूरो/अमर उजाला, डोईवाला। फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक बने एक शिक्षक को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच में आरोपी शिक्षक के हाईस्कूल के अंकपत्र और प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे। बेसिक शिक्षा विभाग उत्तराखंड में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वालों की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है, जिसमें राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुनार गांव में तैनात पुरुषोत्तम यादव पुत्र महेंद्र सिंह निवासी ग्राम रामपुर रसूलपुर पोस्ट आफिस औरंगाबाद बिजनौर उत्तर प्रदेश के हाईस्कूल अंक पत्र और प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। एसआईटी ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शिक्षा विभाग को दी थी।
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विभाग की ओर से एसआईटी जांच को आधार बनाकर आरोपी शिक्षक पुरुषोत्तम यादव के खिलाफ कोतवाली डोईवाला में मुकदमा दर्ज कराया गया। कोतवाल राकेश गुसांई ने बताया कि जांच में हाईस्कूल और इंटर दोनों के अंक पत्र और प्रमाणपत्र के अलावा मूल निवास प्रमाणपत्र भी फर्जी निकला। कार्रवाई होने पर आरोपी शिक्षक फरार हो गया। पुलिस को जांच में पता लगा कि आरोपी चांदपुर बिजनौर का रहने वाला है। पुलिस ने गांव पहुंचकर पूछताछ की तो आरोपी शिक्षक रामपुर बिजनौर का निवासी निकला। बृहस्पतिवार की रात पुलिस टीम ने आरोपी पुरुषोत्तम यादव को रामपुर उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
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अब तक 70 शिक्षकाें के खिलाफ कार्रवाई
देहरादून। शिक्षा विभाग में अमान्य प्रमाणपत्राें से नियुक्ति के मामले में एसआईटी जांच में व्यापक स्तर पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। अब तक 70 शिक्षकाें की डिग्री अमान्य मिल चुकी है, जिनके खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमा दर्ज है। एसआईटी के पास अभी 25 हजार के करीब प्रमाणपत्र हैं, जिनके सत्यापन की प्रक्रिया विचाराधीन है।
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