ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। वीरभद्र मार्ग पशुलोक स्थित साक्षी ज्वैलर्स के सराफ वीरेंद्र सिंह चौहान को गोली मारने और सोने से भरे बैग को लूटने की घटना के एक सप्ताह बाद भी पुलिस के हाथ कोई पुख्ता सबूत नहीं लग पाए हैं। पुलिस ने घटनास्थल से हरिद्वार तक करीब 75 सीसीटीवी कैमरे खंगाले लेकिन बताया जा रहा है कि केवल दो कैमरों में ही बदमाश भागते दिखाए दिए। पहला कैमरा साक्षी ज्वैलर्स से थोड़ी सी दूर लगा था, जिसमें घटना की फुटेज साफ नजर नहीं आ रही है। जबकि बैराज मार्ग पर लगे दूसरे कैमरे में बदमाशों के भागते हुए धुंधले फोटो आ रहे हैं। बदमाशों को अंदाजा था कि घटना के बाद पुलिस नाकेबंदी में जुट जाएगी, इसलिए वह 44 सेकेंड में ही बैराज मार्ग को पार कर रफ्फू चक्कर हो गए।
मामला पेचीदा होने के बाद पुलिस ने अब 10 टीमें बदमाशों को पकड़ने के लिए लगा दी हैं। पुलिस को घटना को अंजाम देने में पश्चिमी यूपी गैंग का हाथ होने की आशंका भी है, इसलिए पुलिस की तीन टीमें गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और बड़ौत डेरा जमाए हुई है, जबकि सात टीमें ऋषिकेश के आसपास के शहरों में सुरागरशी में जुटी हुई हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस को इस बात की पुष्टि हो गई है कि बदमाश बाइक पर सवार थे। इनकी संख्या दो थी। बाइक सवार दोनों बदमाश आईडीपीएल कैनाल गेट की ओर से घटनास्थल पहुंचे थे। यहां करीब साढ़े आठ बजे सराफ वीरेंद्र सिंह चौहान अपनी दुकान बंद कर चुके थे, तभी बदमाशों ने बाइक रोकी और व्यापारी की पीठ पर पीछे से फायर झोंक दिया। गोली लगते ही व्यापारी जमीन पर गिर गया और उनके हाथ में एक बैग भी था, जिसे बदमाश ले भागे। वारदात को अंजाम देकर बदमाश बैराज मार्ग की ओर निकले थे।
खौफ में जी रहा है पीड़ित परिवार
ऋषिकेश। सराफ वीरेंद्र सिंह चौहान गोली लगनेे के बाद से एम्स में भर्ती हैं। वहीं उनका परिवार खौफ में जी रहा है। परिवार की एक महिला ने कहा कि उन्हें अब हर किसी से डर लग रहा है। पुलिस भी अब तक कुछ नहीं कर पाई है। हालात ये हैं कि परिवार का हर सदस्य किसी से भी बात तक करने से डर रहा है। वारदात के दिन से दुकान बंद है। घर का कोई सदस्य वहां जाने तक का साहस नहीं बटोर पा रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परिवार घर से निकलने में संकोच कर रहा है।
19 मई को हुई थी घटना
बीती 19 मई की रात करीब साढे़ आठ बजे 93 निर्मल बाग ए वीरभद्र मार्ग पशुलोक स्थित साक्षी ज्वैलर्स के मालिक वीरेंद्र सिंह चौहान को बदमाशों ने पीठ पर गोली मारकर बैग लूट लिया था। आनन-फानन में उन्हें निजी वाहन से एम्स पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने छह घंटे बाद रीढ़ की हड्डी में घुसी 315 बोर की गोली को बाहर निकाला।
कोट्स
-------
गोलीकांड मामले में तीन टीमें पश्चिम यूपी की ओर रवाना की गई हैं। कुछ पुराने आपराधिक लोगों की कुंडली भी खंगाली जा रही है। स्ट्रीट लाइट न होने तथा साक्षी ज्वैलर्स के बाहर सीसीटीवी कैमरा न लगा होने केे कारण दिक्कतें आ रही हैं। ऋषिकेश से लेकर हरिद्वार तक करीब 75 फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
- रितेश शाह, कोतवाल ऋषिकेश