ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश । रसूखदारों ने रातों रात जंगलात की जमीन पर जेसीबी चलाकर सड़क बना डाली। इसके लिए करीब दर्जन भर पेड़ों की गुपचुप बलि भी दे दी गई। मामला यमकेश्वर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम रत्तापानी का है। संबंधित विभागों के अधिकारी इस प्रकरण से अनजान बने हुए हैं। ग्राम रत्तापानी में वनभूमि के बीच लक्ष्मणझूला कांडी मुख्य मार्ग से तकरीबन 500 मीटर के दायरे में पेड़ों को उखाड़ कर जेसीबी की सहायता से रातोंरात सड़क बना दी गई।
मामले में वन विभाग और राजस्व विभाग पर मिलीभगत का आरोप लगाया जा रहा है। बताया जाता है कि इस कार्य को अंजाम देने के लिए बाकायदा सोची समझी रणनीति के तहत लोकसभा चुनाव नतीजे वाले दिन यानी 23 मई को चुना गया। रसूखदारों ने एक नहीं, बल्कि दो अलग अलग जगहों पर एक ही रात में जेसीबी चलवा दी। इस मामले को लेकर वन विभाग, राजस्व विभाग और जिला प्रशासन कोई भी जानकारी होने से इनकार कर रहे हैं।
वहीं, नाम न छापने की शर्त पर एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि बाहर से आने वाले कुछ लोगों ने पहले तो वन भूमि पर कब्जा कर कैंप बनाया फिर कैंप तक जाने के लिए रातों रात सड़क का निर्माण कर दिया गया। उधर, आलम यह है कि जनता के बार बार मांग किए जाने के बावजूद तकरीबन 20 सालों से लंबित गरूड़चट्टी- पटना- नीलकंठ ग्रामीण व नीलकंठ बाईपास रोड़, फूलचट्टी - कोट मार्ग, घट्टूगाड - पलैलगांव रोड आज तक नहीं बन सकी है। गांवों के लिए बनने वाली सड़को पर अधिकारी वन भूमि का पेच फंसा देते हैं। उधर, हाई प्रोफाईल लोग धनबल से ग्रामीणों से औने - पौने दामों पर जमीन खरीद रहे हैं। इसकी आड़ में वन भूमि पर कब्जा भी हो रहा है।
कोट--
वन भूमि के अंतर्गत जेसीबी के माध्यम से सड़क निर्माण करने पर कृष्णकुमार राजपूत, पुष्पेंद्र कुमार, राजीव कुुमार के विरूद्घ भारतीय वन्य संरक्षण अधिनियम के तहत चालान काटा गया है। इसके अलावा मौके पर जेसीबी को सीज कर कब्जे में ले लिया गया है। हालांकि मराल बीट बफर जोन राजा जी टाइगर रिजर्व सीमा से बाहर है। इसके अलावा रत्ता पानी से हेवल नदी तक बीच कैंपों के सारे रास्ते बंद कर दिए जाएंगे।
- डीपी उनियाल, वन क्षेत्राधिकारी गोहरी रेंज