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बिना लाइसेंस चल रहा बाइक मुहैय्या कराने का धंधा

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ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती। तीर्थनगरी में पर्यटकों को किराए पर बाइक मुहैया कराने का अवैध धंधा जोरों पर है। तपोवन स्वर्गाश्रम क्षेत्र में ऐसे दुपहिया वाहनों पर विदेशियों को फर्राटा भरते आसानी देखा जा सकता है। मुनिकीरेती क्षेत्र के अंतर्गत तपोवन व स्वर्गाश्रम इस समय कुल 40 पंजीकृत एजेंसियां हैं, जो पर्यटकों को किराए दुपहिया वाहन मुहैया कराते हैं। यहां स्कूटर के लिए प्रतिदिन किराया 500 जबकि मोटर साइकिल का 900 रुपये निर्धारित है।
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ऋषिकेश बाइक रेंटल यूनियन के उपाध्यक्ष मनीष भंडारी का कहना है कि तपोवन क्षेत्र में लाइसेंस धारी संस्थाओं की आड़ में कई लोगों ने अवैध कारोबार का धंधा संचालित कर रखा है। नियमानुसार दुपहिया वाहनों को किराए पर संचालित करवाने के लिए स्टेट एक्सपोर्ट अथॉरिटी, देहरादून से अनुमति लेनी पड़ती है। इसके बाद एआरटीओ कार्यालय से लाइसेंस जारी होता है। लाइसेंस धारकों को सालाना एक हजार रुपये रोड टैक्स और 1700 रुपये अधिकारपत्र शुल्क जमा करना पड़ता है। इसके अलावा इनकम टैक्स अलग से भरना होता है।
करीब 150 संस्थाएं बिना पंजीकरण के कर रहीं कारोबार
एक ओर पंजीकरण कराने के बाद कई औपचारिकताओं के दौर से गुजरना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर गैरपंजीकृत संस्थाएं मुफ्त में मोटा पैसा कमा रही हैं। बिना पंजीकरण के पर्यटकों को मुहैया कराए जाने वाली बाइकों पर न तो पीली नंबर प्लेट का इस्तेमाल हो रहा है न ही किसी तरह का टैक्स जमा किया जा रहा है। इतना ही नहीं आयकर की चोरी भी खुलेआम की जा रही है।
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तपोवन क्षेत्र में गैर पंजीकृत वाहनों के संचालन की शिकायतें आई हैं। बीते शनिवार को पुलिस प्रशासन ने अभियान चलाकर किराए पर दिए जाने वाले लगभग आधा दर्जन वाहनों को सीज किया था। पुलिस इस दिशा में सख्त कदम उठा रही है। नियमों के खिलाफ संचालित किए जा रहे ऐसे वाहनों को सीज किया जाएगा।
- आएके सकलानी थानाध्यक्ष मुनिकीरेती

क्षेत्र के अंतर्गत अगर बिना लाइसेंस के ऐसे वाहनों को संचालित किया जा रहा है तो इसे दिखाया जाएगा। बिना लाइसेंस के वाहनों को किराए पर दिया जाना कानूनन अपराध है। इसमें पुलिस प्रशासन का भी सहयोग लिया जाएगा। जल्द ऐसी गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. अनिता चमोला, एआरटीओ
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