वन क्षेत्र से सटी आबादी में अवैध रुप से फलफूल रहे कच्ची शराब के गोरखधंधे पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। पुलिस ने युवा संगठन के साथ अभियान चला कई जगहों पर छापेमारी कर कच्ची शराब बनाने में प्रयुक्त करीब 12 कुंतल लाहन नष्ट किया। लगभग 15 भट्टियां ध्वस्त कर शराब बनाने के उपकरण बरामद किए। धंधेबाज पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए।
प्रतिबंधित वन क्षेत्र से सटे मंसा देवी, रुषाफार्म, टोंगिया में अवैध रुप से कच्ची शराब के तैयार होने की मिल रही शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने छापेमारी की कार्रवाई। कार्रवाई के दौरान पुलिस जंगल का माहौल देखकर दंग रह गई। क्षेत्र में सक्रिय धंधेबाजों ने कच्ची शराब बनाने के लिए प्रयोग में आने वाले लाहन से भरे कुछ ड्रम गहरे गड्ढे खोदकर और कुछ ड्रम घनी झाड़ियों में छिपाकर रखे हुए थे।
पुलिस ने बरामद लाहन मौके पर नष्ट करा दिया। कार्रवाई के दौरान कच्ची शराब बनाने के लिए तैयार हो रही एक दर्जन से अधिक भट्टियां तोड़ी और शराब बनाने के उपकरण जब्त किए। हालांकि अवैध कारोबार में लिप्त पुलिस के पहुंचने से पहले भाग निकले।
कोतवाली प्रभारी नत्थीलाल उनियाल ने बताया कि मौके से फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। अभियान में युवा संगठन अध्यक्ष रणजीत थापा, देवेंद्र राणा, बलजीत सिंह, शमशेर सिंह, दिनेश थापा, पूरण थापा आदि ने पुलिस का सहयोग किया।
पहले ही लीक हो गई सूचना!
पुलिस कार्रवाई से पहले ही कच्ची शराब बनाने वाले लोगों का वहां से फरार हो जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि पुलिस के आने की सूचना उनको पहले ही किसी ने दे दी हो। सूत्रों की माने तो इन लोगों की वन और पुलिस विभाग में साठगांठ है। जिस कारण उनको पहले ही कार्रवाई का पता चल जाता है।