संसदीय राजभाषा समिति के संयोजक और राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने समिति के सदस्यों के साथ लेखक गांव थानो का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा के संवर्द्धन के लिए लेखक गांव मील का पत्थर साबित होगा। लेखकों के संगम से इस गांव में परंपराओं का मिलन, संरक्षण और नए साहित्य का उदय होगा। समिति के सदस्य और सांसद किशोरी लाल ने कहा कि लेखक गांव में नए साहित्य का सृजन करने में लेखकों को मदद मिलेगी। लेखक गांव की निदेशक विदुषी निशंक ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए। संरक्षक डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने भी विचार रखे। गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. मनमोहन रौथाण, कुलसचिव प्रो. राजेश ढोडी, प्रो. सर्वेश उनियाल, लेखक गांव के कार्यकारी अधिकारी ओपी बडोनी, सनराइज अकादमी क प्रबंध निदेशक पूजा पोखरियाल, किरन बाला, डॉ. राजेश नैथानी आदि उपस्थित रहे।