कोठारी मोहल्ला के क्षेत्रवासियों ने देहरादून एयरपोर्ट बाउंड्री के बाहर से बनाए जा रहे स्टेट गेस्ट हाउस के मार्ग का काम बृहस्पतिवार को रुकवा दिया। इससे पहले बुधवार को भी बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया था। हालांकि, क्षेत्रीय विधायक मौके पहुंचे और लोगों को आश्वासन दिया कि उनका रास्ता इससे बंद नहीं होगा। आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन बंद कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि 2006-07 में एयरपोर्ट विस्तारीकरण के कारण उनके पांच रास्ते बंद किया जा चुके हैं। एयरपोर्ट के अंदर स्थित स्टेट गेस्ट हाउस तक मार्ग निर्माण के लिए ग्रामीणों के कच्चे मार्ग को पक्का कर नया मार्ग बनाया जा रहा है। आशंका है कि मार्ग बनाए जाने के बाद पूर्व की तरह इस मार्ग को भी बंद किया जा सकता है। आशंकित ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को मौके पर जाकर प्रदर्शन किया और मार्ग का निर्माण रुकवा दिया।
निवर्तमान सभासद राजेश भट्ट ने कहा कि महिलाएं और ग्रामीण मार्ग निर्माण का विरोध नहीं कर रहे हैं। पूर्व में कोठारी मोहल्ले, बागी, सैनिक मोहल्ले और बिचली जौलीग्रांट के गांव के रास्ते बंद किए जा चुके हैं इसलिए स्थानीय लोगों को आशंका है कि इस मार्ग को भी वीआईपी मार्ग बताकर बंद कर दिया जाएगा। भाजपा नेता संपूर्ण सिंह रावत ने कहा कि 2006-07 से लेकर अब तक कोठारी मोहल्ले, बागी आदि के लिए एक भी रास्ता नहीं बन पाया। लोग अब भी जौलीग्रांट अस्पताल के दिए गए करीब 12 फीट संकरे मार्ग से आवाजाही करने को मजबूर हैं। प्रदर्शन के दौरान एयरपोर्ट एलआईयू, खुफिया एजेंसियों के लोगों के अलावा, पुष्कर सिंह, जयप्रकाश, सुभाष भट्ट, विशाल भट्ट, विक्रम, सपना, प्रीति, कुंवारा देवी, ममता, मधु, संगीता, सीता, सपना, विमला, पुष्पा, विनीता, शांति, जयंती आदि मौजूद रहे।
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कोट
प्रदर्शन कर रहे लोगों से मौके पर जाकर बातचीत की है। नए मार्ग का लाभ कोठारी मोहल्ले और अन्य स्थानीय लोगों को भी मिलेगा। आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन बंद कर दिया जिससे कार्य दोबारा शुरू हो गया। - बृजभूषण गैरोला, विधायक डोईवाला।
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मार्ग के बगल से खाई खोदी
निवर्तमान सभासद राजेश भट्ट ने कहा कि जिस कच्चे मार्ग पर वीआईपी मार्ग बनाया जा रहा है, बरसात में उससे थानो के जंगल का बाढ़ का पानी कोठारी मोहल्ले में घुस जाता है। लोनिवि भरान कर कई फीट ऊंचा मार्ग बना रहा है। इसके लिए जेसीबी से शेष बचे आरबीएम को मार्ग से खोदाई कर निकाला जा रहा है। इस कारण मार्ग कई मीटर गहरा हो गया है। कहा कि अब बरसात में बाढ़ का पानी घरों में तेजी से घुसेगा। वहीं बड़े पत्थरों को उठाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से दूसरे स्थानों पर ले जाया जा रहा है।