विश्व वर्षावन दिवस पर परमार्थ निकेतन में बृहस्पतिवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि जलवायु परिवर्तन केवल मानव जाति बल्कि पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती है।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने स्थायी और स्वस्थ जीवन शैली के लिए मिशन लाइफ की पहल को अपनाने का संदेश दिया। स्वामी ने कहा कि स्वस्थ, हरित, समृद्ध और संपन्न ग्रह को सुनिश्चित करने तथा पारिस्थितिक तंत्रों की बहाली के लिए अपने-अपने स्तर पर काम करने की आवश्यकता है। प्रकृति और पर्यावरण के क्षेत्र में हमने जो खो दिया, जो नष्ट हो गया है उसकी वजह से अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ा। जो अभी भी बरकरार हैं उसे संरक्षित करना अत्यंत जरूरी है। कार्यक्रम में सोशल बिहेवियर चेंज स्पेशलिस्ट यूनिसेफ इंडिया शालिनी प्रसाद, वॉश नोडल यूनिसेफ इंडिया गोपाल बंसल, नन्दिनी त्रिपाठी, रोहन मैकलेरन आदि मौजूद रहे।