डीएम सविन बंसल ने कहा कि सरकार और प्रशासन का फोकस महिलाओं और बच्चों पर है। प्रोजेक्ट उत्कर्ष के तरह 75 प्रतिशत सरकारी विद्यालयों को फर्नीचर और दूसरी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अब जिले के सरकारी विद्यालयों के कमरों में एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। इससे विद्यार्थी डिजिटल रूप में पढ़ाई कर सकेंगे। वहीं, शिक्षक भी एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम को ऑनलाइन पढ़ा सकेंगे। डीएम सविन बंसल ने सरस्वती विद्या मंदिर दाबड़ा भोगपुर को सीएसआर फंड से 18 लाख 73 हजार की लागत से एक बस उपलब्ध कराई है। इससे विद्यालय के करीब 95 विद्यार्थियों को ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिलेगी। डीएम ने कहा कि विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए ट्रांसपोर्ट, मूलभूत सुविधा, पौष्टिक आहार और दूसरे चीजों पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे हर साल इसमें सुधार हो रहा है। प्राइवेट स्कूलों की फीस वृद्धि पर टॉस्क फोर्स गठित की गई है। जितनी भी फीस वृद्धि की शिकायतें आई हैं, उस पर कार्रवाई की गई है। इससे कई विद्यालयों ने फीस वृद्धि वापस ली है। डीएम सविन बंसल, सरस्वती विद्या मंदिर दाबड़ा भोगपुर के बच्चों के साथ बस में बैठे। कुछ देर उनके साथ समय बिताया।इस दाैरान हिमांशु चमोली, प्रधानाचार्य दीपा बिष्ट, सतीश सेमवाल, केदार रावत, संजीव नेगी, राजपाल बिष्ट माैजूद रहे। संवाद