मई महीने में लगातार बदल रहे मौसम ने फलों की खेती करने वाले किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है। पहले ओलावृष्टि और बेमौसमी बारिश से आम और लीची की फसल पर प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है। बारिश का मौसम बना रहने से किसानों को नुकसान की आशंका सता रही है।इस साल मई माह में प्रचंड गर्मी नदारद है। बदलता मौसम फल उत्पादक किसानों के लिए चिंता का सबब बना रहा है। आम-लीची की फसल ओलावृष्टि की मार पहले ही झेल चुकी है और अब बारिश का मौसम उनके माथे पर बल डाल रहा है। मई माह में कभी तेज धूप तो कभी अचानक बारिश हो रही है। मौसम में आए इस असंतुलन का असर अब फलों की फसलों पर दिखाई दे रहा है। खासतौर पर इन दिनों में बाग-बगीचों में तैयार हो रही आम और लीची की फसल में गिरावट आने की आशंका है। रानीपोखरी के फल उत्पादक किसान संतोष चौहान ने बताया कि वर्तमान समय में फसलों को तेज धूप और सामान्य तापमान की जरूरत होती है, लेकिन बादल और बारिश फलों की गुणवत्ता पर असर डाल रहे हैं। कहा कि यदि मौसम ऐसे ही करवट लेता रहा तो किसानों की मेहनत पर असर पड़ेगा। वहीं, कृषि विशेषज्ञ डीएस असवाल ने बताया कि आम और लीची जैसी फसलों के लिए यह मौसम अनुकूल नहीं माना जाता है। बारिश और कम धूप मिलने से फलों का विकास प्रभावित होता है और उत्पादन पर असर पड़ता है।