रामडांडा, थानो और भोगपुर से सटे पर्वतीय क्षेत्रों में बीएसएनएल की सेवाएं लड़खड़ा गई हैं। उपभोक्ताओं की लगातार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र के करीब 15 से अधिक गांवों में यह समस्या बनी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि संबंधित विभाग के अधिकारी शिकायत के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
ऋषिकेश शहर से 15 किलोमीटर दूर भोगपुर, थानो, रामनगर डांडा, बसंतपुर, कालबन, अदालावाला,बमेथ, हिलकोटी, डिम्मर, मादसी, केमठ और इठारना बीएसएनएल के मोबाइल टावर ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। जिससे बीएसएसएनएल के उपभोक्ता अपनों से बात नहीं कर पा रहे हैं। बीएसएनएल के फोन शोपीस बनकर रह गए हैं। सिग्नल कमजोर होने के कारण बीएसएनएल का इंटरनेट भी काम नहीं कर रहा है।
स्थानीय निवासी अमित कुकरेती ने बताया कि बीएसएनएल के सिग्नल सही करने के लिए कई बार बीएसएनएल के अधिकारियों को फोन किए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। सिग्नल कमजोर होने और इंटरनेट काम न करने की समस्या डेढ़ साल से आ रही है। भले की बीएसएनएल की ओर से टावरों की देखरेख के लिए एक स्पेशल उपखंड अधिकारी तैनाती की गई है, लेकिन फिर भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट की पुरानी बिल्डिंग पर बीएसएनएल का टावर लगा था। बिल्डिंग टूटने के कारण टावर भी हटाना पड़ा। इससे रामनगर डांडा और आसपास के क्षेत्राें में बीएसएनएल सिग्नल कमजोर हो गए। अन्य क्षेत्रों में जांच की जा रही है। 4-जी टावर लगने के बाद स्थिति में सुधार होगा। - संदीप डोभाल, एसडीओ, मोबाइल एंड डाटा, बीएसएनएल देहरादून