ट्रंचिंग ग्राउंड से कूड़ा हटाने की मांग को लेकर कांग्रेसी पार्षदों ने प्रदेश उपाध्यक्ष राजपाल खरोला के नेतृत्व में पुरानी चुंगी पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। उन्होंने सरकार पर ऋषिकेश की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री के अधिकांश कांग्रेसी पार्षदों को नजरबंद करने के कारण पुतला फूंकने का कार्यक्रम देर से हो पाया।
पुतला दहन कार्यक्रम के बाद पार्षदों को संबोधित करते हुए राजपाल खरोला ने कहा कि प्रदेश सरकार ऋषिकेश शहर की उपेक्षा कर रही है। ऋषिकेश में मेयर और कैबिनेट मंत्री की आपसी लड़ाई में पूरा शहर पिस रहा है। डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद ऋषिकेश शहर का उम्मीदों के अनुरूप विकास नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि मेयर के कार्यकाल को चार साल हो गए, लेकिन आज तक गोविंदनगर स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड से कूड़ा नहीं हट पाया। ट्रंचिंग ग्राउंड को शिफ्ट करने के लिए गुमानीवाला क्षेत्र में जगह चिह्नित की गई लेकिन वहां से भी विरोध करवाया जा रहा है। गोविंद नगर में करीब 35 साल से कूड़े की बदबू के कारण आसपास के लोग परेशान हैं।
एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने कहा कि ऋषिकेश में दो-दो जनप्रतिनिधि भाजपा के होने और प्रदेश में भी भाजपा की सरकार होने के बावजूद विकास का पहिया रोका जा रहा है। पुतला फूंकने वालों में महंत विनय सारस्वत, पार्षद अजीत गोल्डी, देवेंद्र प्रजापति, चेतन चौहान, गुरविंदर सिंह, शकुंतला शर्मा, विजयलक्ष्मी शर्मा, मदन मोहन शर्मा, बलबीर सिंह रावत, हरिराम वर्मा आदि उपस्थित थे।
पुलिस ने पार्षदों को किया नजरबंद
ट्रंचिंग ग्राउंड से कूड़ा निस्तारण की मांग को लेकर कांग्रेसी पार्षदों की ओर से मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने और उनके कार्यक्रम का विरोध करना था। खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने कांग्रेसी पार्षद देवेंद्र प्रजापति, अजीत सिंह गोल्डी, चेतन चौहान, गुरविंदर सिंह गुर्री सहित दो महिला पार्षदों को सुबह 8:30 बजे उनके घरों से क्षेत्र की चौकियों को बुला दिया था। जब 11:30 बजे मुख्यमंत्री एम्स में आयोजित कार्यक्रम से गए, तब ही पार्षदों को छोड़ा गया। उसके बाद पार्षदों ने पुरानी चुंगी में प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया।