- ऋषिकेश में बाइक सवार बदमाश ने दिया था वारदात को अंजाम
- न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को माना आधार
ऋषिकेश। महिला के गले से सोने की चेन लूटने के मामले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद कुमार बर्मन की अदालत ने आरोपी शिवा परमार निवासी बी-44, सुल्तानपुरी, दिल्ली की जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायालय ने अपराध की गंभीरता, आरोपी के आपराधिक इतिहास और मामले की परिस्थितियों को इसका आधार माना। अभियोजन के अनुसार, 30 सितंबर को शाम सात बजे खदरी रोड पर पैदल जा रही महिला के गले से बाइक सवार शिवा परमार ने सह-आरोपी के साथ मिलकर सोने की चेन झपट ली थी। पुलिस ने आठ अक्तूबर को गढ़ी मयचक से टी-प्वाइंट होते हुए निर्मल आश्रम जाने वाले रास्ते पर आरोपी के कब्जे से लूटी गई चेन बरामद होने का दावा किया। इस मामले में कोतवाली ऋषिकेश में प्राथमिकी दर्ज है। आरोपी के अधिवक्ता अमित कुकरेती ने उसे निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाने और बरामदगी गलत दर्शाने की दलील दी। वहीं, सहायक अभियोजन अधिकारी सुमित दक्ष ने अपराध को गंभीर और अजमानतीय प्रकृति का बताते हुए जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें और पुलिस प्रपत्र देखने के बाद न्यायालय ने जमानत का पर्याप्त आधार नहीं पाया और याचिका निरस्त कर दी।