Iसड़क किनारे खुले आसमान के नीचे बैठकर गरीब बच्चों को पढ़ा रही तृप्ति
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Iउनकी मुहिम में साथ निभा रहे परिवार के अन्य सदस्यI
तृप्ति कालरा गृहिणी होने के साथ ही गरीब बच्चों का भविष्य संवारने के लिए शिक्षिका की भूमिका निभा रही हैं। वह पांच वर्षों से सड़क किनारे खुले आसमान के नीचे बैठकर गरीब बच्चों को पढ़ा रही हैं। उनके इस मुहिम में परिवार के अन्य सदस्य साथ निभा रहे हैं।
गली नंबर तीन गणेश विहार गंगानगर निवासी तृप्ति कालरा ने बताया कि वह गृहिणिी हैं। बीते पांच वर्षों से कोयलघाटी के समीप एम्स रोड पर सड़क किनारे गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रही हैं। कुछ वर्ष पहले उन्होंने फेसबुक पर गरीब बच्चों की मदद कर रहे एक व्यक्ति को देखा। उसी व्यक्ति से प्रेरित होकर उन्होंने भी गरीब बच्चों को शिक्षित करने की पहल की। कहा पहले आसपास के किसी भी बच्चे ने रुचि नहीं दिखाई। फिर एक के बाद एक बच्चे उसके पास पढ़ने के लिए आने लगे। जिससे उनका हौंसला बढ़ा।
पहले वह सड़क किनारे दरी पर बैठकर गरीब बच्चों को पढ़ाती थी। लेकिन परिवार के सहयोग से उसने धीरे-धीरे इन बच्चों के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की। बताया कि परिवार के हर समारोह में इन बच्चों को शामिल करते हैं। वर्तमान में वह 10 बच्चों को पढ़ा रही हैं। वह प्रतिदिन शाम पांच से सात बजे तक बच्चों को कोयलघाटी की समीप पढ़ाती हैं। इस कार्य में उनके पिता सुधीर कालरा और परिवार के अन्य सदस्यों ने उनका सहयोग किया। तृप्ति के पास शिक्षा ले रहे छात्र ऋषभ, रिहान, मिलन, रोहन, सुमित, शिवा और रित ने बताया कि उन्हें उनके पास पढ़ना अच्छा लगता है। वह कई महीने से मैडम के पास निशुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
Iबच्चों के प्रवेश में भी करतीं है मददI
तृप्ति कालरा ने बताया कि वह गरीब बच्चों को किसी विद्यालय में प्रवेश कराने में भी मदद करती हैं। उन्होंने कई बच्चों के विद्यालय का प्रवेश शुल्क देने के साथ ही उन्हें पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई हैं। कहा उन्हें गरीब बच्चों की मदद करना बहुत अच्छा लगता है। इन बच्चों की जितनी भी मदद की जाए वह कम है। उनकी इस मुहिम में अन्य संगठन और संस्था के लोगों को भी आगे आना चाहिए। जिससे शिक्षा से वंचित रह रहे गरीब बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो सके।