दुर्घटनाओं के बचाव के प्रति जागरूकता को एम्स का ट्राॅमा रथ किया रवाना
- सप्ताहभर सुरक्षा प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम, रोड शो, एडवांस्ड ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट कार्यक्रम चलाए जाएंगे
ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा सर्जरी विभाग की ओर से विश्व ट्रॉमा सप्ताह का शुभारंभ किया गया। संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने ट्रॉमा रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साइक्लोथॉन के माध्यम से आमजन को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन, हेलमेट के उपयोग और दुर्घटनाओं से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि विश्व ट्रॉमा सप्ताह का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आकस्मिक चोटों से होने वाली मृत्यु और दिव्यांगता को कम करना, समय पर प्राथमिक उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। कहा कि आमजन को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवनरक्षक सहायता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षित करना है। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत धमीजा ने कहा कि ट्रॉमा के मामलों में समय पर पहचान, त्वरित उपचार और विभिन्न चिकित्सा इकाइयों के बीच समन्वय मरीज के बेहतर परिणामों के लिए आवश्यक है। बताया गया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से एम्स की ट्रॉमा टीम का उद्देश्य समुदाय के अधिक से अधिक लोगों को प्रशिक्षित कर दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण समय में जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराने के प्रति जागरूक बनाना है। सप्ताहभर चलने वाले इस कार्यक्रम में फर्स्ट रिस्पॉन्डर ट्रेनिंग, परिवहन विभागों के सहयोग से सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण,जागरूकता कार्यक्रम, रोड शो, एडवांस्ड ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट से संबंधित गतिविधियां, रक्तदान शिविर, वैस्कुलर सर्जरी कार्यशाला, रिसर्च मेथडोलॉजी प्रशिक्षण कार्यक्रम,पोस्टर प्रतियोगिता आदि इवेंट शामिल हैं। ट्रॉमा सर्जरी विभाग के हेड प्रो. कमर आजम ने कहा कि ट्रॉमा प्रबंधन एक बहुआयामी प्रक्रिया है, जिसमें दुर्घटना स्थल पर शुरुआती सहायता से लेकर अस्पताल में उन्नत उपचार तक सभी चरण महत्वपूर्ण होते हैं। इस अवसर पर डॉ. भास्कर सरकार, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. रूबी कटारिया, डॉ. एस.पी. सिंह, डॉ. विश्वजीत साहू, डॉ. नीलेश, अखिलेश उनियाल, शशिकांत, डॉ. शांतम, मनोज कुमार, वनेपाल सिंह, पंकज ठाकुर, ताराचंद, दीपिका कांडपाल, अनामिका, मेघा भट्ट, सुशीला पन्नू, पूजा ठाकुर, मनीषा बिश्नोई, निशा आदि मौजूद रहे।