होली खेलते समय प्राकृतिक रंगों का ही उपयोग करें। यह त्वचा के लिए सुरक्षित होते हैं। डार्क और चमकीले रंगों में लेड ऑक्साइड, मरकरी, सिल्वर ब्रॉमाइड जैसे हानिकारक तत्व हो सकते हैं, जो त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हिमालयन अस्पताल की त्वचा रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डाॅ. रश्मि जिंदल का कहना है कि होली में त्वचा का ध्यान रखना जरूरी है। होली खेलने से पहले चेहरे और पूरे शरीर पर नारियल तेल, जैतून का तेल या कोई भी अच्छा मॉइस्चराइजर लगाना चाहिए, ताकि रंग त्वचा में गहराई से न बैठें। नाखूनों को बचाने के लिए उन पर गहरा नेल पॉलिश लगाएं और हाथों-पैरों में भी तेल लगाएं। बालों में नारियल तेल या सरसों का तेल लगाकर उन्हें ढकने से रंगों के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है। डाॅ. जिंदल ने कहा कि यदि होली के रंगों के कारण त्वचा में खुजली, लाल चकत्ते या सूजन हो जाए और यह समस्या 24 घंटे से अधिक बनी रहे, तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें।