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Iस्व. इंद्रमणी बडोनी चौक के समीप एक होटल के बाहर संगठन कार्यकर्ताओं ने छह घंटे किया प्रदर्शनI
नरेंद्रनगर स्थित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी मंदिर में प्रस्तुति देने जा रहे सूफी गायक चांद कादरी को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने स्व. इंद्रमणी बडोनी चौक स्थित एक होटल में ही रोक दिया। देर रात पुलिस ने विरोध कर रहे करीब एक दर्जन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर डोईवाला भेजा। जहां उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ा गया। सूफी गायक चांद कादरी करीब पौने दस बजे होटल से कार्यक्रम स्थल नरेद्रनगर की ओर रवाना हुए।
शनिवार को जैसे ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को पता चला कि सूफी गायक चांद कादरी स्व. इंद्रमणी बडोनी चौक स्थित एक होटल में ठहरे हुए हैं, वैसे ही संगठन के कार्यकर्ता होटल के मुख्य गेट के बाहर दोपहर करीब दो बजे एकत्रित हो गए। होटल के मुख्य गेट पर संगठन कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री, सूफी गायक, भाजपा सरकार, नरेंद्रनगर पालिकाध्यक्ष और मेला आयोजकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर आक्रोश जताया। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि वह कई बार मेला आयोजक और शासन प्रशासन को सूफी गायक की प्रस्तुति रोकने को लेकर अवगत करा चुके हैं।
उसके बावजूद भी सूफी गायक को मेले में प्रस्तुति देने से नहीं रोका गया। रात करीब आठ बजे तक प्रदर्शनकारी होटल के गेट पर ही एकत्रित रहे। इस मौके पर हिंदू संगठन के विभाग संयोजक नरेश उनियाल, राजेंद्र पांडेय, विनोद सिंह, एके सिंह, संतोष राजपूत, राजेंद्र वर्मा, मधु धोनी सेमवाल आदि शामिल थे।
Iसूफी गायक को मंत्री ने मनायाI
सूफी गायक चांद कादरी परिवार सहित नटराज चौक स्थित एक होटल में पहुंचे थे, जहां से उन्हें कार्यक्रम स्थल जाना था। लेकिन विरोध को देखते हुए वह होटल से बाहर नहीं आए। करीब शाम छह बजे वन मंत्री सुबोध उनियाल होटल पहुंचे। होटल के एक बंद कमरे में करीब साढ़े तीन घंटे तक सूफी गायक को बाहर आने के लिए मनाते रहे। रात करीब पौने दस बजे सूफी गायक वन मंत्री के वाहन से कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना हुए।
मंत्री ने मीडियाकर्मी को दिखाई आंख
होटल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब एक मीडिया कर्मी ने सूफी गायक चांद कादरी के कार्यक्रम में शिरकत को लेकर सवाल किया तो वन मंत्री सुबोध उनियाल भड़क गए। उन्होंने मीडियाकर्मी के माइक को हटाते हुए आंख दिखाकर वहां से चले गए।
Iगंभीर से नहीं लिया संगठनों की चेतावनीI
हिंदू संगठनों की चेतावनी को गंभीरता से नहीं लेने पर यह स्थिति पैदा हुई। संगठनों ने करीब दो सप्ताह पहले प्रशासन और मेला आयोजकों को सूफी गायक का कार्यक्रम रद्द करने के लिए ज्ञापन सौंपा था। वहीं विरोधस्वरुप पुतला दहन भी किया था। बावजूद हिंदू संगठन के प्रदर्शनों को हल्के में लिया गया। जिसका खामियाजा सूफी गायक को भुगतना पड़ा।
Iवन मंत्री ने ठहराया संगठन के विरोध को गलतI
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने हिंदू संगठन की ओर से सूफी गायक चांद कादरी के विरोध को गलत बताया। संगठन को गलतफहमी हुआ कि सूफी गायक की प्रस्तुति सिद्धपीठ कुंजापुरी मंदिर परिसर में है। जबकि सूफी गायक का कार्यक्रम मंदिर परिसर से करीब 20 किमी पहले नरेंद्रनगर पालिका परिसर में आयोजित है।