दूसरे चरण के विस्तारीकरण में भूमि अधिग्रहण से दुकानदारों की आजीविका पर खड़ा होगा संकट
अठूरवाला और जौलीग्रांट क्षेत्र की 1.9935 हेक्टेयर जमीन होगी अधिग्रहण
देहरादून एयरपोर्ट के दूसरे चरण के विस्तारीकरण की जद में करीब 22 दुकानदार आएंगे। भवन और दुकान स्वामियों को सरकार मुआवजा तो देगी, लेकिन तीन दशक से अपनी आजीविका चलाने वाले दुकानदारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा।
2005-06 के बाद दूसरी बार देहरादून एयरपोर्ट का विस्तारीकरण होने जा रहा है। जिसमें चोरपुलिया की तरफ से अठूरवाला और जौलीग्रांट क्षेत्र की कुल 1.9935 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण प्रस्तावित है। इसमें अठूरवाला की 0.0955 हेक्टेयर और जौलीग्रांट की 1.8980 हेक्टेयर भूमि शामिल है। लोनिवी के पुराने मार्ग की कुछ जमीन का भी अधिग्रहण इसमें किया जा रहा है। एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में 12 परिवार और करीब 22 दुकानदार आ रहे हैं।
स्थानीय दुकानदार मस्तराम नौटियाल ने कहा कि वह चोरपुलिया में 32 वर्षो से साइकिल रिपेयरिंग की दुकान चला रहे हैं। जमीन अधिग्रहण के बाद बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार को उनके रोजगार के बारे में भी सोचना चाहिए। चाय की दुकान चलाने वाले वयोवृद्ध राजेंद्र प्रसाद और सुरेंद्र सिंह रावत, मोहन सिंह नेगी, साहब सिंह फर्सवाण आदि दुकानदार भी रोजगार को लेकर चिंतित हैं।
एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए 1.9935 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण का मामला धारा 19 तक पहुंच गया है। बाकी प्रक्रिया में एक से दो महीने का समय लग सकता है। जिसके बाद भूमि अधिग्रहण की जाएगी। - किशन सिंह नेगी, भूमि अध्यापित अधिकारी