बरसात में भवन गिरने की आशंका पर प्रशासन ने जारी किए निर्देश
कहीं भवनों की छत टपक रही तो कहीं पुश्ता ढहा
यमकेश्वर ब्लॉक के स्कूलों की हालत दयनीय
विकासखंड यमकेश्वर के अंतर्गत जर्जर भवनों में संचालित हो रहे 12 राजकीय प्राथमिक और उच्चतर प्राथमिक विद्यालयों को ग्राम पंचायत या फिर अन्य सुरक्षित भवनों में चलाया जाएगा। बारिश में भवनों को खतरा देखते हुए प्रशासन इसका आदेश जारी किया है।
यमकेश्वर ब्लॉक क्षेत्र में 12 राजकीय प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के भवनों की खस्ताहालत है। इन विद्यालयों में करीब 90 छात्र संख्या है। कहीं विद्यालयों की छत टपक रही है तो कहीं भू धंसाव की समस्या बनी हुई है। जिनमें राप्रावि देवराना का भवन और फर्श क्षतिग्रस्त है। राप्रावि दमराड़ा, राप्रावि ठुंडा, राउप्रावि चुब्याणी, राउप्रावि जिया दमराड़ा और राप्रावि कांडा की छत पूरी तरह से टपक रही है। विद्यालय के आंगन का पुश्ता टूट चुका है। राउप्रावि तिमल्याणी के भवन और फर्श क्षतिग्रस्त होने के साथ ही भवन के पीछे मलबा है।
राप्रावि और राउप्रावि घट्टूगाड़ का विद्यालय भवन धंस रहा है। राप्रावि पीनाकाटल के विद्यालय में पहुंचने वाले गदेरे उफान पर हैं। राप्रावि मरोड़ा का भवन क्षतिग्रस्त है। राप्रावि जसकोट का भवन क्षतिग्रस्त है। अभिभावक सुरमान सिंह राणा, तेजपाल सिंह राणा, सत्यपाल सिंह राणा, धर्मपाल सिंह, रविंद्र सिंह रावत, देवेंद्र सिंह रावत, राधा नेगी, पुष्पा राणा, रेखा देवी, सरिता देवी ने बताया कि राप्रावि और राउप्रावि घट्टूगाड की हालत वर्ष 2014 से खराब बनी हुई है। विद्यालय में जगह जगह भू-धंसाव हो रहा है। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का जान का जोखिम बना है।
विद्यालय प्रबंधन समिति और अभिभावकों के सहयोग से विद्यालय का संचालन अन्यत्र जगह पर करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही जर्जर भवनों की मरम्मत कर समस्या का समाधान किया जाएगा। - एमएस तोमर, खंड शिक्षा अधिकारी यमकेश्वर