दिनेश अवस्थी (संवाद)
पिथौरागढ़। सीमांत के कई युवा विदेशी कंपनियों में रोजगार कर रहे हैं। मर्चेंट नेवी और क्रूज में कार्यरत युवाओं को लेकर परिजनों में चिंता होना लाजिमी है। ऐसे में कई युवाओं ने अपने माता-पिता से फोन पर बात कर कहा कि वे सुरक्षित हैं, चिंता नहीं करें। विश्व में कोरोना महामारी फैलने के बाद से ही परिजनों को उनकी सुरक्षा की चिंता सता रही है। ऐसे में युवाओं के फोन आने से परिजनों ने राहत की सांस ली है। खड़कोट के युवा सुमित बसेड़ा जिस क्रूज में हैं अभी वह अमेरिका के पास मियामी में है। क्रूज इटली से वैस्टइंडीज होते वहां पहुंचा है। क्रूज में 800 लोग हैं। इस क्रूज को एक अन्य जहाज से करीब 300 भारतीयों को लेकर मुंबई आना है। सुमित के पिता महेश बसेड़ा ने बताया कि जून मध्य तक क्रूज मुंबई तट पर पहुंचने की संभावना है। जाजरदेवल के विवेक जोशी की कपंनी का क्रूज मैक्सिको से पनामा होते हुए वैल्जियम पहुंचने वाला है। विवेक ने अपने पिता प्रकाश जोशी से बात कर बताया कि 12 मई तक कंपनी की ओर से क्रूज के किसी भी सदस्य को किसी भी देश के पोर्ट पर उतरने की अनुमति नहीं है। बताया कि क्रूज में सभी सुरक्षित हैं। सुवालेक के संदीप बसेड़ा ने अपने पिता पूरन सिंह बसेड़ा को यूरोपीय तट पर सुरक्षित होने की जानकारी दी है। इनके अलावा कई अन्य युवाओं ने भी अपने परिजनों से विदेशी धरती पर सुरक्षित होने की बात कही है। इससे उनकी सुरक्षा के प्रति चिंतित परिजनों को काफी राहत मिली है।