चैसर गांव को नशा मुक्त बनाने के लिए बैठक करते ग्रामीण। संवाद
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से लगे चैसर गांव की महिलाएं नशाखोरी रोकने के आगे आई हैं। महिलाएं बिच्छू घास और डंडे हाथों में लेकर नशेड़ियों को सबक सिखा रही हैं। बुजुर्ग महिलाएं भी गांव में निगरानी कर रही हैं। महिलाओं के आक्रोश के बाद अवैध तरीके से शराब बेच रहे तस्कर ठंडे पड़ गए हैं।
चैसर गांव की महिलाओं की पहल के बाद घनश्याम ओली चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी भी उनका साथ दे रही है। सोसाइटी ने प्रेमा सुतेरी के नेतृत्व में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। प्रेमा सुतेरी ने कहा कि नशाखोरी समाप्त करने के लिए संस्था उनकी हर संभव मदद करेगी। बता दें कि चैसर गांव के महिला मंगल दल और युवक मंगल दल नशाखोरी को दूर करने के लिए गांव में रात के समय भी गश्त कर रहे हैं। इस कार्य में गांव की बुजुर्ग महिलाएं भी साथ दे रही हैं।
पुलिस प्रशासन और गांव के पुरुष और बच्चे भी उनका साथ दे रहे हैं। महिला संयोजक सीमा महर का कहना है कि गांव की वृद्ध महिलाएं सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक गश्त कर नशा मुक्त समाज बनाने में योगदान दे रही हैं। संस्था अध्यक्ष अजय ओली ने कहा कि काउंसलिंग के माध्यम से भी नशे की लत से छुटकारा पाया जा सकता है। उन्होंने युवा पीढ़ी को नशे जैसी बुराई से बचाने के लिए सभी से आगे आने की अपील की है।