पिथौरागढ़। 22 गांवों के ग्रामीणों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम का घेराव किया। उन्होंने आरोप लगाया कि देवकटिया में मूल्पा मंदिर को जाने वाले पैदल रास्ते को चहारदीवारी बनाकर अवरुद्ध किया गया है जिससे 22 गांवों के ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। उन्होंने मां मूल्पा देवी के जयकारे भी लगाए। साथ ही रास्ता शीघ्र नहीं खोलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सोरघाटी के प्रसिद्ध चैतोल पर्व का परिक्रमा मार्ग देवकटिया के पास मूल्पा मंदिर को जाने वाले रास्ते को चहारदीवारी लगाकर बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि रास्ता बंद करना धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ है। इस दौरान मंदिर के पुजारी भुवन शर्मा, युकां प्रदेश सचिव ऋषेंद्र महर, संजय शर्मा, शेखर शर्मा, कैलाश, नंदन, किशोर, दीपक, भावना नगरकोटी, गोविंद महर आदि मौजूद थे।
सोरघाटी में सदियों से देवल समेत बाबा अपनी बहनों को भिटोली देती हैं। भगवती माता के मंदिर में भी यह देव यात्रा चैतोल जाती है। एमईएस ने देवकटिया में मां भगवती के मंदिर को जाने वाला रास्ता रोक दिया है। जो धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ है। -सुरेंद्र सिंह महर, विण।
पौराणिक काल से चले आ रहे चैतोल पर्व के रास्ते को रोकना गलत है। रास्ता शीघ्र नहीं खोला गया तो आंदोलन किया जाएगा। -नित्यानंद शर्मा, नेड़ा।
मान्यता है कि देव अपनी 22 बहनों को भिटोली देने के लिए जगह-जगह मंदिरों में डोले को लेकर जाते हैं। देवकटिया में मां भगवती को भिटोली देने जाने वाले पौराणिक रास्ते को बंद करना गलत है। -रोहित भट्ट, सिलोली।
मंदिर को जाने वाले रास्ते को इस तरह बंद करना गलत है। प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रास्ता खुलवाना चाहिए। -राजेश शर्मा, बस्ते।