पिथौरागढ़ विकास भवन में गेट मीटिंग के बाद प्रदर्शन करते हुए उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल स
पिथौरागढ़। उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन ने 21 सूत्री मांगों के समर्थन में सात दिसंबर को कलमबंद हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। शासन स्तर पर हुई वार्ता में मांगों पर शीघ्र शासनादेश जारी नहीं होने की दशा में सभी मिनिस्टीरियल कर्मी आंदोलन और उग्र करेंगे।
शनिवार को कर्मियों की विकास भवन परिसर में जिलाध्यक्ष मोहन लाल वर्मा की अध्यक्षता और फेडरेशन जिला महामंत्री बिजेंद्र लुंठी के संचालन में गेट मीटिंग हुई। इसमें कहा गया कि पुरानी पेंशन बहाली, मिनिस्टीरियल संवर्ग की शैक्षिक योग्यता स्नातक करने, मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों को उनके कार्य दायित्व सौंपे जाने की मांग को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
फेडरेशन के मंडल अध्यक्ष सौरभ चंद ने राज्य सरकार से पुरानी पेंशन बहाल करने, कर्मचारियों को अभिलेख अनुरक्षण भत्ता देने, सभी विभागों में मिनिस्टीरियल संवर्ग के अतिरिक्त पद सृजित करने, मिनिस्टीरियल संवर्ग की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए की न्यूनतम एक माह का प्रशिक्षण देने, पदोन्नति में पूर्व की भांति शिथिलीकरण बहाल करने की मांग उठाई। वहां रोहित उप्रेती, नवीन पाठक, पंकज खोलिया, दलीप आगरी, घनशयाम आगरी, केएस मुनौल, राजकुमार भंडारी, कवींद्र सिंह, भुवन भट्ट, शंकर पंत आदि मौजूद रहे।