थल (पिथौरागढ़ )। देश की सीमा की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले गोकर्ण सिंह का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक गांव लाया गया। पूरा माहौल गमगीन हो गया। गोकर्ण की पत्नी और बच्चे बिलख पड़े। पार्थिव शरीर देर शाम उनके पैतृक आवास लाया गया था, इस वजह से रविवार की शाम उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका। उनकी पार्थिव देह को उनके पैतृक आवास पर रखा गया। लोगों ने गमगीन माहौल में पूरी रात जागकर बिताई। सुबह के समय शहीद गोकर्ण सिंह के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन कराए गए। पति का चेहरा देखते ही गीता फफ़क पड़ी। सिसकते हुए बोली मुझे गर्व है कि आपने देश सेवा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किये हैं। आपकी याद मेरे दिल में सदा अमर रहेगी। यह सुनकर सभी की आंखें भी नम हो गईं।