पिथौरागढ़ जिले के बंगापानी तहसील क्षेत्र के सड़क सुविधा से वंचित मेतली और कनार गांव के लोगों का हर दिन चुनौती भरा होता है। कभी किसी गर्भवती को समय पर अस्पताल पहुंचाकर सुरक्षित प्रसव कराने की चुनौती हो या फिर किसी घायल या बीमार का जीवन बचाने की जद्दोजहद उन्हें 24 घंटे परीक्षा देने के लिए तैयार रहना पड़ता है। ऐसे ही एक मामले में मेतली के ग्रामीणों को बीमार बुजुर्ग का जीवन बचाने के लिए ग्रामीणों को 12 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।
रविवार को मेतली निवासी धरम सिंह पुत्र भवान सिंह (70) की अचानक तबीयत खराब हो गई। दर्द इतना बढ़ गया कि उनको जल्दी अस्पताल पहुंचा आवश्यक हो गया। उनकी स्थिति देखते हुए परिजनों ने तहसील प्रशासन से हेलिकॉप्टर की व्यवस्था करने की मांग की। तहसील प्रशासन की ओर से बताया गया कि हेलिकॉप्टर देहरादून है और मौसम अनुकूल होने पर ही आ सकेगा। इसके बाद ग्रामीणों ने बिना देरी किए बीमार व्यक्ति के लिए बांस के डंडों से कुर्सी को बांधकर अस्थायी डोली बनाई और उसे 12 किमी दूर सड़क तक पहुंचाया।
चार घंटे पैदल चलने के बाद सड़क तक पहुंचने पर परिजनों को वाहन के लिए एक घंटे का इंतजार करना पड़ा। वाहन मिलने के बाद मरीज को 100 किमी दूर जिला अस्पताल भेजा गया। मेतली गांव के लोगों का कहना है कि सड़क सुविधा नहीं होने से उन्हें आए दिन बीमार या गर्भवती को डोली के सहारे सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से गांव के लिए शीघ्र सड़क का निर्माण किए जाने की मांग की है।
हेलिकॉप्टर सेवा संचालित है। सूचना मिलने पर हेलिकॉप्टरर के माध्यम से बीमार या आपदा में फंसे लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है। कई बार मौसम खराब होने पर हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू कार्य में बाधा आ रही है।
- रीना जोशी, डीएम पिथौरागढ़।