पिथौरागढ़। मानसून काल में मलबा आने से बंद ग्रामीण क्षेत्र की छह सड़कें अभी नहीं खुल पाई हैं। सड़क बंद होने से ग्रामीणों को पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। तमाम परेशानियों से जूझ रहे ग्रामीणों ने जल्द सड़क खोलने की मांग की है।
इस वर्ष मूसलाधार बारिश से मानसून काल में दर्जनों सड़कें बंद हुई थीं। कार्यदायी संस्थाओं ने सीमा मार्ग और नेशनल हाईवे सहित राज्य मार्गों को खोल दिया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की छह सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं। बांसबगड़-कोटा पंद्रहपाला, एलागाड़-जुम्मा, मदकोट-बोना, पौड़ी-घटकुना, कोटा-कांटाधूरा और डीडीहाट-आदिचौरा सड़कों को अभी वाहनों के लिए नहीं खोला जा सका है। वाहनों का संचालन नहीं होने से हजारों की आबादी परेशान है। सड़क बंद होने से ग्रामीणों को बाजार से रोजमर्रा की सामग्री पैदल पीठ पर लादकर ले जानी पड़ रही है। स्कूली बच्चे भी पैदल आवागमन करने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जल्द सड़क खोलने की मांग की है।
इनसेट कोट
बंद सड़कों को खोलने के प्रयास जारी हैं। ऐलागाड़-जुम्मा सड़क खोलने के लिए जेसीबी भेजी थी। सड़क खुलने के बाद फिर से 100 मीटर दायरे में सड़क ध्वस्त हो गई है। इसे खोलने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। - किशन सिंह ऐरी, ईई पीएमजीएसवाई धारचूला।
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