पिथौरागढ़। मूनाकोट ब्लाक के ग्राम पंचायत क्वीगांव और क्वीतड़-जमतड़ी गांव को जाने वाली सड़क के डामरीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। उन्होंने डीएम कार्यालय में ज्ञापन देकर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि क्वीतड़-जमतड़ी सड़क 14 साल पूर्व और क्वीगांव सड़क सात साल पहले कट चुकी थी। लंबे समय से ग्रामीण दोनों सड़कों का चौड़ीकरण और डामरीकरण करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने शीघ्र मांग पूरी नहीं होने पर क्वीगांव, सैलोनी, चिमतोली, मझेड़ा, पत्तरखानी, बमबाटा सहित कई अन्य गांवों के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। इस मौके पर नर सिंह, धरम सिंह, तुलसी सौन सहित कई लोग मौजूद रहे।
कुनकटिया, दोबांस, धौलकांडा के ग्रामीण बोले रोड नहीं तो वोट नहीं
- ग्रामीण बोले तीन किमी सड़क नहीं कटने से तय करनी पड़ती है 60 किमी की दूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। कुनकटिया, दोबांस, धौलकांडा के ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाए। ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के सात दशक बीतने के बाद भी 10 हजार की आबादी सड़क सुविधा से वंचित है। कई बार आवाज उठाने के बावजूद कोरे आश्वासन ही दिए गए हैं।
बुधवार को दोबांस गांव में कुनकटिया, दोबांस और धौलकांडा के ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि रीठाखानी के पास से सड़क कटिंग का कार्य शुरू नहीं हो पाया है जबकि विभाग की ओर से ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया है। तालेश्वर धाम तक तीन किलोमीटर सड़क नहीं काटे जाने से क्षेत्र के लोगों को 60 किलोमीटर का फेरा लगाना पड़ता है। शवदाह के लिए काली नदी के घाट तक पहुंचना मुश्किल होता है। सभी ग्रामीणों ने कहा कि यदि सड़क कटिंग का काम शुरू नहीं किया जाता है तो क्षेत्र के लोग लोक सभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे। इस अवसर पर सभी ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे भी लगाए।
बैठक में केशव दत्त जोशी, रामदत्त जोशी, माेती राम, मोहन जोशी, खष्टी बल्लभ पांडेय, रेखा जोशी, मथुरा दत्त पांडेय, लक्ष्मी दत्त, हीरा बल्लभ, खीमानंद जोशी, सीता जोशी आदि ग्रामीण उपस्थित रहे।
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भंडार बोरा रौकुंवर गांव के लिए सड़क का सर्वे होगा
अमर उजाला इंपैक्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। जिला मुख्यालय से करीब 18 किमी दूर ग्राम पंचायत भंडार बोरा रौकुंवर गांव तक सड़क निर्माण के लिए सर्वे कार्य किया जाएगा। ग्रामीणों की मांग थी कि जाड़ा बरदोली से हरेश्वर महोदव तक सड़क बनेगी तो मेटी, सरसूड़ा, बसौली, रौकुंवर और भंडार बोरा की दो हजार की आबादी को लाभ मिलेगा। सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को करीब छह किमी पैदल चलना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की इस समस्या को आपके प्रिय समाचार पत्र अमर उजाला ने एक मार्च के अंक में सड़क नहीं आई तो अपने भी बिछड़ गए, पलायन अब भी जारी शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इस समस्या का संज्ञान लेते हुए कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी केदार सिंह बृजवाल ने चार मार्च को पत्र लिखकर अधिशासी अभियंता लोनिवि को ग्रामीणों की मांग के अनुरूप सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।
पढ़ने के लिए आठ किमी की दौड़ चंपावत
ग्राम पंचायत भंडार बोरा रौकुंवर के बच्चों के लिए पढ़ाई आसान नहीं है। इंटर की पढ़ाई के लिए उन्हें दिगालीचौड़ विद्यालय जाना पड़ता है। यह गांव से करीब आठ किमी की दूर है। बदहाल रास्तों से होकर गांव के सात बच्चे रोज पढ़ाई के लिए घंटों की यात्रा कर पढ़ने पहुंचते हैं। संवाद
गांव तक नहीं पहुंचा वाहन
चंपावत। गांव के तेज सिंह टैक्सी संचालन कर जीवन यापन करते हैं। कुछ साल पहले उन्होंने टैक्सी खरीदी थी। अब उनकी टैक्सी का परमिट पूरा होने वाला है। आज भी वह गांव से पांच किमी दूर अपना वाहन खड़ा करते हैं फिर गांव तक पैदल जाते हैं। वह तो गांव पहुंच जाते हैं लेकिन उनकी टैक्सी नहीं पहुंच पाई। लक्ष्मण सिंह कुंवर ने पहले ऑल्टो वाहन खरीदा और इसका संचालन टैक्सी के रूप में किया लेकिन जब गांव तक सड़क नहीं पहुंची तो उन्होंने टैक्सी वाहन को निजी वाहन में पंजीकृत करवा लिया। संवाद
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ग्याली सेरान मार्ग खस्ताहाल होने से लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। जिला मुख्यालय में आंतरिक मार्ग के खस्ताहाल होने से हजारों की आबादी को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एनएच से लगे ग्याली सेरान तक लगभग 400 मीटर सड़क में जगह-जगह गड्ढे भी हैं। इससे दोपहिया चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि चार वर्ष पूर्व इस सड़क में सुधारीकरण का कार्य हुआ था। तब से लेकर अब तक किसी ने सड़क की कोई सुध नहीं ली। कई लोग बदहाल मार्ग के कारण चोटिल भी हो चुके हैं। हर रोज सैकड़ों की संख्या में यहां से वाहन गुजरते हैं। क्षेत्र की नालियां भी चोक होने से बारिश में पानी रास्ते में बहता रहता है। इससे लोगों को आवाजाही में दिक्कत होती है। पालिका के ईओ अशोक कुमार वर्मा ने बताया बजट के आधार पर सुधारीकरण का कार्य किया जाएगा।
जून तक तैयार हो जाएगा किरोड़ा नाले पर निर्माणाधीन पुल
- नायकगोठ-थ्वालखेड़ा मार्ग पर बन रहा है 125 मीटर लंबा पुल, 30 प्रतिशत कार्य पूरा
टनकपुर(चंपावत)। नायकगोठ-थ्वालखेड़ा मार्ग पर 13.77 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 125 मीटर लंबे पुल का करीब 30 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। जून महीने तक पुल का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रख गया है। इससे बरसात में किरोड़ा नाले के उफान आने से जोखिम भरी आवाजाही से थ्वालखेड़ा, खेतखेड़ा, हनुमानगढ़ी के लोगों को राहत मिल सकेगी।
हर वर्ष बरसात के मौसम में जून से सितंबर के बीच किरोड़ा नाले के उफान पर आने से थ्वालखेड़ा, खेतखेड़ा, हनुमानगढ़ी आदि को आने जाने वाले लोगों की आवाजाही जोखिम भरी हो जाती है। पुल न होने से लोगों को पानी के बीच से जाना पड़ता है। वर्ष 2022 में एक स्कूल बस भी बह गई थी। इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राम नायकगोठ गांव से हनुमानगढ़ी-थ्वालखेड़ा मोटर मार्ग पर 125 मीटर पुल के निर्माण की घोषणा की थी। इसके लिए 13.77 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए और कार्यदायी संस्था लोनिवि ने केजीएल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को कार्य सौंपा है। कंपनी की ओर से नाले में पिलर डालने का कार्य जा रहा है। जून माह तक पुल का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। बहरहाल, पुल का समय से निर्माण पूरा होने की दशा में लोगों को बरसात के मौसम में नाले को पार करने के लिए जान जाेखिम में नहीं डालनी पड़ेगी। संवाद
इनसेट
इस पुल के बनने से थ्वालखेड़ा, खेतखेड़ा, हनुमानगढ़ी के लोगों को सीधा लाभ तो मिलेगी साथ ही मां पूर्णागिरि धाम जाने वाले लोगों को बरसात के समय वैकल्पिक मार्ग भी उपलब्ध होगा। श्रद्धालु नायक गोठ थ्वालखेड़ा मार्ग से होकर किरोड़ा नाले को पार कर सकेंगे। पिलर खड़े करने का कार्य पूरा हो गया है। जून तक निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।- लक्ष्मण सिंह सामंत, एई, लोनिवि