गुरना मंदिर के पास सड़क खोलने के दौरान रात्रि में मौके पर पहुंचे डीएम डॉ.आशीष चौहान। संवाद
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-घाट एनएच पर तीन दिन बाद मंगलवार रात 11 बजे यातायात सुचारु हुआ। इसी के साथ रास्ते में फंसे वाहन पिथौरागढ़ पहुंचे। चौथे दिन बुधवार को रोडवेज और केमू की बसों का संचालन भी हुआ।
दिल्ली बैंड में मलबा आने से 24 सितंबर की रात पिथौरागढ़-घाट एनएच बंद हो गया था। गुरना में भी पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने से खतरा बना था। इसके चलते रविवार से यातायात पूरी तरह से ठप था। आपात स्थिति में लोगों को थल-सेराघाट होते हुए हल्द्वानी जाना पड़ रहा था। मंगलवार को सुबह से एनएच खंड ने दो मशीनें लगाकर दिल्ली बैंड का मलबा हटाया। देर शाम जैसे ही मलबा हटाने के बाद यातायात सुुचारु हुआ गुरना में खतरा बनी पहाड़ी दरकने से हाईवे फिर बंद हो गया। इसके बाद प्रशासन ने रात में ही दिल्ली बैंड से मशीनें मंगाकर सड़क खोलने का काम शुरू किया।
जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने रात्रि में मौके पर पहुंचकर सड़क खोलने के कार्य का मुआयना किया। रात 11 बजे मलबा हटाकर यातायात सुुचारु कर दिया गया। सड़क खुलने के बाद तीन दिन से फंसे वाहन पिथौरागढ़ पहुंचे। चौथे दिन बुधवार की सुबह हल्द्वानी और टनकपुर रूट के लिए यातायात सुचारु हो सका। रोडवेज और केमू की बसें भी निर्धारित रूटों के लिए रवाना हुई इससे यात्रियों ने राहत की सांस ली है।