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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ में वीरू ने की साहसिक साइकिलिंग की शुरुआत

Fri, 02 Jun 2023 11:47 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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वीरेंद्र सिंह दरियाल, अध्यक्ष पिथौरागढ़ एडवेंचर एकेडमी। संवाद
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पिथौरागढ़। जिले में साइकिल खेल की शुरुआत वीरेंद्र सिंह दरियाल (वीरू) ने की। हालांकि साइकिल का प्रचलन जिले में पहले से था, लेकिन उन्हाेंने अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर इस साइक्लिंग के साहसिक खेल को नया मुकाम दिया।
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वीरेंद्र सिंह को बचपन से ही साइकिल चलाने का जुनून रहा। वर्ष 2012 से उन्हाेंने व्यावसायिक तौर पर साइकिल की शुरुआत की। जिले की सड़कों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में साइकिल से यात्रा करना शुरू कर दिया। वर्ष 2016 में तत्कालीन सरकार ने एमटीबी उत्तराखंड साइकिल प्रतियोगिता नैनीताल से मसूरी तक कराई थी, जिसमें वीरू ने प्रतिभाग किया। हालांकि उन्हें कोई स्थान नहीं मिला, लेकिन उन्होंने पूरी यात्रा की। प्रतियोगिता में पुरस्कार 18 लाख रुपये था। इसके बाद उन्होंने 2017 में फिर से इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। उसके बाद वर्ष 2017 में लद्दाख, 2018 में नीति माणा और इसके बाद उन्होंने दारमा की घाटियों की हसीन वादियों में अपने साथियों के साथ साइकिल से यात्रा करना शुरू किया।
उनको देख कई लोग उनके साथ साइक्लिंग करने लगे और प्रत्येक रविवार को नगर के अलग-अलग स्थानों में जाकर साइकिल राइड की शुरुआत होने लगी। वीरू के साथ जगदीश चंद्र भट्ट, सुरेश पांडेय, सीएम पांडेय और सभासद अनिल माहरा, दीपक कल्पासी ने कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया। उनकी साइकिल यात्रा में वह हमेशा साथ रहे। शुरुआत में हिमालयन साइक्लिंग क्लब बनाया, लेकिन पंजीकरण में कुछ तकनीकी समस्या के कारण बाद में पिथौरागढ़ एडवेंचर एकेडमी बनाई गई।
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कोविड में बनाया साइकिल क्लब

पिथौरागढ़। कोविड के दौरान सितंबर 2020 में वीरू ने पिथौरागढ़ एडवेंचर एकेडमी की शुरुआत की और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ना शुरू कर दिया। खेल महंगा होने के बाद भी रोमांच से भरा होने के कारण लोग, युवा एकेडमी से जुड़ते रहे। इसके बाद वीरू ने जिला मुख्यालय के पहाड़ी मैदान में साहसिक राइड की शुरुआत प्रतियोगिताओं के माध्यम से की। लोगों के सहयोग से वह प्रतियोगिता कराने लगे। इन प्रतियोगिता में हर वर्ग का व्यक्ति शामिल होने लगा। युवाओं का रुझान साइकिल खेल में बढ़ता चला गया।
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साइक्लिंग खेल रोमांच से भरा है। पहाड़ हो या मैदान, साइकिल हर जगह काम आ सकती है। साइकिल चलाने से पर्यावरण तो स्वच्छ रहेगा साथ ही चलाने वाला स्वस्थ रहेगा।
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वीरेंद्र सिंह दरियाल, अध्यक्ष पिथौरागढ़ एडवेंचर एकेडमी।
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