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भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे बेरोजगार

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पिथौरागढ़ कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बेरोजगार। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्र-छात्राएं और युवा बेरोजगार सड़कों पर उतर आए। उन्होंने सरकार के खिलाफ जनाक्रोश रैली निकालते हुए जमकर नारेबाजी की। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधलियों की सीबीआई जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
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बेरोजगार संघ के बैनर तले शुक्रवार को आक्रोशित बेरोजगार और छात्र-छात्राएं रामलीला मैदान में एकत्र हुए जहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारे लगाकर प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने सिमलगैर, गांधी चौक, सिल्थाम, रोडवेज स्टेशन, केएमओयू स्टेशन होते हुए कलक्ट्रेट तक जनाक्रोश भी रैली।
कहा कि हाकम के ‘हाकिमों’ और प्रदेश सरकार के मंत्रियों की अकड़ के खिलाफ युवा सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने कहा कि परिजन मेहनत-मजदूरी कर बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए उन्हें पढ़ा रहे हैं। उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के फार्म भरा रहे हैं। आरोप लगाया कि सरकार के इशारों पर गरीब मेहनतकश युवाओं का हक मारकर नौकरियां बेची जा रही हैं।
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उन्होंने जांच एजेंसियों पर यूकेएसएसएससी मामले में बड़े आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। साथ ही भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच कराने और घूस देकर नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की।
इस दौरान चंचल बोरा, व्यापारी नेता शमशेर महर, नितिन मारकाना, कांग्रेस युवा नेता ऋषेंद्र महर, शंकर जोशी, विनय किरौला, हेमंत आदि ने विचार रखे। इस अवसर पर सभासद भावना नगरकोटी, अनिल जोशी, ऋषभ कल्पासी, व्यापार संघ नगर अध्यक्ष तपन रावत, अभिषेक बोहरा सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों के साथ ही सैकड़ों बेरोजगार मौजूद थे।
हम लोग सरकारी नौकरी पाने के लिए सालों से मेहनत कर रहे हैं। कुछ लोग रुपये के बल पर नौकरी पाकर उनका हक मार रहे हैं। भर्ती में हुई धांधलियों की सीबीआई जांच जरूरी है। -सोनिया।
उत्तराखंड में जिस तरह प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार धांधलियां हो रही हैं। उस तरह इसकी सीबीआई जांच जरूरी है। वीडीओ, वीपीडीओ और अन्य परीक्षाओं में भ्रष्टाचार में लिप्त छात्र-छात्राओं के नाम सार्वजनिक होने जरूरी हैं जिससे भविष्य में भ्रष्टाचारी भ्रष्टाचार करने से डरे। -अंजलि शर्मा।
राज्य में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर इंटरव्यू के बजाय लिखित परीक्षाएं कराई जानी चाहिए जिससे बेरोजगारों को मौका मिल सके। पूर्व में हुई भर्ती धांधलियों की जांच सीबीआई से करानी चाहिए। -कंचन जोशी।
महिला आरक्षण तो राज्य सरकार ने हटा दिया है। उसे बहाल करना आवश्यक है। सरकार को विधानसभा में संशोधन लाकर जल्द से जल्द महिला आरक्षण को फिर लागू करना चाहिए। -ज्योति पाठक।
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