धारचूला/पिथौरागढ़। दारमा घाटी के चीन सीमा को जोड़ने वाली सीपीडब्ल्यूडी की सोबला-ढाकर सड़क के सोबला ठुलीगाड़ में बने बैली सस्पेंशन पुल की छह केबल में से दो केबल पिछले दिनों हुई बारिश के दौरान बोल्डर गिरने से टूट गईं थीं। इस कारण पुल का कुछ हिस्सा झुक गया है। खतरे को देखते हुए सीपीडब्लूयडी ने वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
बृहस्पतिवार को सीपीडब्ल्यूडी के एई अनिल बंग्याल और अन्य कर्मियों ने पुल का निरीक्षण किया। इसके बाद वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। दो दिन पूर्व कोलकाता से पुल ठीक करने वाली टीम ने भी पुल का निरीक्षण कर लिया है। एई का कहना है कि पुल पर वाहनों की आवाजाही से अधिक नुकसान होगा इसलिए पुल की सुरक्षा को देखते हुए आवाजाही पर रोक लगाई गई है। पुल से सिर्फ पैदल चलने की अनुमति है। लोग पुल पार करने के बाद दूसरे छोर से वाहन पकड़कर आगे की यात्रा कर रहे हैं।
पुल को ठीक करने के लिए मंगाया सामान
धारचूला (पिथौरागढ़)। पुल को ठीक करने के लिए सीपीडब्लूयूडी ने कोलकाता से सामान मंगा लिया है। पुल के 20 दिनों में ठीक होने की उम्मीद है। सीपीडब्ल्यूडी ने सभी वाहन स्वामी से सहयोग की अपील की है। ग्राम पंचायत दर के उप प्रधान उत्तम सिंह दरियाल ने पुल की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। संवाद
छह दिन में शुरू हो पाई चीन सीमा के लिए आवाजाही
धारचूला (पिथौरागढ़)। छह दिनों के बाद तवाघाट-लिपुलेख सड़क खुलने से सुरक्षा कर्मी और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। व्यास घाटी और चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क छह दिनों से भारी बारिश के कारण बोल्डर और मलबा आने से तम्पा मंदिर के पास बंद चल रही थी। इसके चलते लोगों को पैदल आवाजाही करनी पड़ रही थी। बृहस्पतिवार को सड़क खुल गई है। वाहन स्वामी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को सड़क खुलने के बाद व्यास वैली में फंसे 15 से अधिक वाहन बृहस्पतिवार को धारचूला पहुंच गए हैं। संवाद
जिले भर में नौ सड़कें बंद चल रही हैं
छिरकिला-जम्कू, कालिका-खुमती, ऐलागाड़-जुम्मा, मंसूरी काठा-होकरा, मदकोट-तोमिक, डोर-सैंणरांथी, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला, डीडीहाट-आदिचौरा-हुनेरा और तवाघाट-थानीधार।